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समांतर

लापरवाही का रोग

अभय कुमार सिंह जनसत्ता 13 नवंबर, 2014: मानसून अब आकर गुजर चुका है। एक तरफ इसका आगमन देश के लिए सुख-समृद्धि का प्रतीक माना...

सृजन के सरोकार

सुनील मिश्र जनसत्ता 12 नवंबर, 2014: कला और मनोरंजन का संसार अनूठा है। इस संसार में उत्कृष्टता और श्रेष्ठता की चुनौतियां सर्जक और सृजन...

आस्था के फूल

जाबिर हुसेन जनसत्ता 11 नवंबर, 2014: पिछले कुछ दिनों से एक टीवी विज्ञापन में मशहूर अभिनेता शाहरुख खान अपने खास अंदाज में कहते नजर...

बस्तर की मुस्कान

अलका कौशिक जनसत्ता 10 नवंबर, 2014: बस्तर में उस गहराती शाम के सन्नाटे में कांगेर वैली नेशनल पार्क में तीरथगढ़ जलप्रपात देख कर अकेली...

हौसले का हुलास

प्रफुल्ल कोलख्यान जनसत्ता 22 अक्तूबर, 2014: साल याद नहीं। शायद 1991 रहा होगा। एक बात याद है। ग्रामीण रिपोर्टिंग के लिए स्टेट्समैन अखबार की...

बंद खिड़कियां

प्रभांसु ओझा जनसत्ता 20 अक्तूबर, 2014: किशोर कुमार की आवाज में फिल्म पड़ोसन का गाना ‘मेरे सामने वाली खिड़की में एक चांद टुकड़ा रहता...

भागीदारी के रास्ते

राजेंद्र बंधु जनसत्ता 17 अक्तूबर, 2014: शब्दों के प्रचलन में अर्थ निहित होते हैं और उसके जरिए कई लोग अपनी मंशा को लागू करते...

परदे की राह

क्षमा सिंह जनसत्ता 16 अक्तूबर, 2014: अब तक श्वेत-श्याम से लेकर रंगीन फिल्मों तक हर दशक में सिनेमा में परिवर्तन और विकास देखा जा...

साझी विरासत

ज्योति सिडाना जनसत्ता 15 अक्तूबर, 2014: समाज विज्ञान के क्षेत्र में किसी भी देश को महज नक्शे के आधार पर प्रस्तुत नहीं किया जा...

एक सांसद का दर्द

उमाशंकर सिंह जनसत्ता 14 अक्तूबर, 2014: कुछ दिन पहले भाजपा के एक सांसद से मुलाकात हो गई। मैंने कहा कि आपकी सरकार तो शानदार...

भ्रम की भाषा

संतोष राय जनसत्ता 13 अक्तूबर, 2014: पहले लोग अखबार पढ़ कर, दूरदर्शन देख कर भाषा सीखते थे या सुधार करते थे। यह मान्यता थी...

बाजार के नायक

निखिल आनंद गिरि जनसत्ता 10 अक्तूबर, 2014: पत्रकार और लेखक अनिल यादव पूर्वोत्तर पर लिखे गए अपने यात्रा संस्मरण ‘वह भी कोई देस है...

जख्मों की कहानी

अरुण माहेश्वरी जनसत्ता 9 अक्तूबर, 2014: राजनीतिक यथार्थ और व्यक्तिगत त्रासदियों के अंतर्संबंधों की जटिलताओं की एक अनोखी कहानी है फिल्म ‘हैदर’। राष्ट्रवादी उन्माद...

परदे पर खेल

रिम्मी जनसत्ता 8 अक्तूबर, 2014: प्रियंका चोपड़ा अभिनीत फिल्म मैरीकॉम देखी। बस शानदार कहना इस फिल्म के लिए काफी नहीं है। इस फिल्म को...

हादसे की कड़ियां

हेमंत कुमार जनसत्ता 7 अक्तूबर, 2014: पटना के गांधी मैदान में ‘रावण वध’ के बाद मची भगदड़ में तैंतीस लोगों की मौत की जिम्मेवारी...

ध्यान भटकाने का मंत्र

उमाशंकर सिंह जनसत्ता 4 अक्तूबर, 2014: कुछ विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक सरकार बनने के कुछ हफ्ते बाद ही मंत्रियों का एक छोटा-सा दल प्रधानमंत्री...

निज भाषा

मिथलेश शरण चौबे जनसत्ता 3 अक्तूबर, 2014: भाषाएं अपने साहित्य और बोलचाल की विपुलता से ही अपना व्यापक परिसर बनाती हैं। फिर भी अपनी...

सफाई का संदेश

संदीप नाईक जनसत्ता 2 अक्तूबर, 2014: उस दिन हम देवास के श्मशान में जब भाई की अस्थियां समेट रहे थे तो वहां तीन और...