समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर लगातार जनसभाएं कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने एक चैनल से बातचीत की। जिसमें उनसे रिपोर्टर ने सवाल किया कि मीडिया वालों को आप ईमानदार क्यों कहते हैं? सपा प्रमुख ने हंसते हुए इस सवाल का जवाब दिया।

दरअसल अखिलेश यादव एनडीटीवी समाचार चैनल से बात कर रहे थे। जिसमें रिपोर्टर ने अखिलेश ने पूछा कि पहले चरण का मतदान हो गया है तो हवा किस और बह रही है? इसके जवाब में अखिलेश ने कहा कि जनता ने बीजेपी को महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सबक सिखा दिया है। इनके सभी दावे और विज्ञापन झूठे निकले हैं इसलिए मैं कह सकता हूं कि पहले चरण से ही इनका सफाया होना शुरू हो गया है। आखिरी चरण तक यूपी से इनका सफाया हो जाएगा।

बीजेपी की भाषा पर उठाया सवाल : सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी की तरफ से जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया.. पुरानी बातों को जिस तरह से उठाया गया और जिनका बुनियादी जरूरतों से कोई मतलब नहीं है। मैं ये कह सकता हूं कि पहले चरण में ही बीजेपी की गर्मी ठंडी हो गई है। पहले चरण के मतदाताओं ने उनकी गर्मी निकाल दी है। उनके कार्यकर्ता ठंडे दिखाई दे रहे हैं।

मीडिया को क्यों कहते हैं ईमानदार? : सपा प्रमुख से रिपोर्टर ने सवाल किया कि आप चुनावी समय में मीडिया वालों को ईमानदारी जैसे शब्दों से संबोधित कर रहे हैं। उस बयान के पीछे क्या मकसद है? सपा प्रमुख ने इस पर हंसते हुए कहा कि मेरा कोई मकसद नहीं है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि मैं आपको ईमानदार कहूं और आप बुरा मान जाओ। इसमें मैं क्या कह सकता हूं लेकिन प्रेस के लोगों से इस तरह की कोई बात नहीं है।

सोशल मीडिया यूजर्स के कमेंट : पंकज यादव नाम के ट्विटर हैंडल से कमेंट किया गया कि ईमानदार को तो ईमानदार ही कहा जाएगा। सूरज नाम के एक यूजर लिखते हैं कि जिन लोगों को ईमानदार कहने पर चिढ़ होती है उन्हें यह इंटरव्यू देखना चाहिए। ज्योति शर्मा नाम की एक यूजर लिखती हैं – लगता है ये अखिलेश यादव की ईमानदारी वाली लिस्ट में नहीं है। जानकारी के लिए बता दें कि हाल में ही दिए गए कई इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने कुछ पत्रकारों को ईमानदार कहा था। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे।