Ayodhya Ram Mandir flag hoisting Ram Mandir dhwajarohan ceremony: प्रधानमंत्री मोदी ने आज 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर केसरिया रंग का धर्म ध्वजारोहण किया। इस ध्वज की लंबाई 22 फीट, चौड़ाई 11 फीट और दंड 42 फीट है। ध्वज पर तीन विशेष चिन्ह अंकित हैं—सूर्य, ॐ, और कोविदार। इस ध्वज को सूर्य भगवान का प्रतीक भी माना जाता है। वहीं आपको बता दें कि पीएम मोदी ने राम दरबार और गर्भगृह में पूजा-अर्चना भी की। उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। वहीं आपको बता दें कि पीएम मोदी ने अभिजीत मुहूर्त में ध्वजारोहण किया। आइए जानते हैं ज्योतिष में इस मुहूर्त का महत्व और लाभ…
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अभिजीत मुहूर्त के लाभ और महत्व
वैदिक ज्योतिष में अभिजीत मुहूर्त को एक बेहद शुभ समय माना जाता है। यह मुहूर्त हर दिन दोपहर के आसपास होता है। इसे ग्रह नक्षत्रों के नकारात्मक प्रभाव को समाप्त करने के कारण शुभ माना जाता है और यह दिन में लगभग 48 मिनट तक रहता है। आपको बता दें कि यह दिन के मध्य भाग से लगभग 24 मिनट पहले शुरू होकर 24 मिनट बाद समाप्त होता है। वहीं इसका सटीक समय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करता है। मतलब यदि सूर्योदय सुबह 6 बजे होता है, तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 24 मिनट पहले (11:36 बजे) शुरू होकर 12:24 बजे समाप्त होता है।
इस मुहूर्त को विवाह, गृह प्रवेश, और अन्य महत्वपूर्ण शुभ कार्यों के लिए यह बहुत उपयुक्त माना जाता है। जब अन्य शुभ लग्न उपलब्ध न हो, तो मुंडन जैसे शुभ कार्य अभिजीत मुहूर्त में किए जा सकते हैं। ज्योतिष के अनुसार, इस मुहूर्त में शुरू किए गए कार्य में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है। वहीं सिर्फ बुधवार के दिन इसका निषेध रहता है इसलिए बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त में कोई भी काम आपको नहीं करना चाहिए।
वहीं भगवान राम का जन्म भी अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। साथ ही शास्त्रों के अनुसार श्रीराम ने रावण और भगवान कृष्ण ने कंस जैसे असुरों का वध भी इसी मुहूर्त में किया था। इसीलिए इससे विजय मुहूर्त भी कहा जाता है।
