ताज़ा खबर
 

religion news

चाणक्य नीति के अनुसार गुप्त बातों को उजागर करने वाला है नीच, उनका होता है ये हश्र

विद्यार्थी, नौकर, पथिक भूख से व्याकुल, भाय से त्रस्त, भंडारी और द्वारपाल इन सातों को सोता हुआ देखें तो तत्काल जागा देना चाहिए। क्योंकि अपने कर्मों और कर्तव्यों का पालन ये जागकर अर्थात सचेत होकर ही करते हैं।

jyeshtha, jyeshtha 2019, jyeshtha mangalvar ki mahima, importance of jyeshtha months tuesday, jyeshtha, month, importance of jyeshtha month, jyeshtha, jyeshtha maas 2019, jyeshtha maas 2019

ज्येष्ठ मास आज से शुरू, जानिए क्या है इस माह के मंगलवार की महिमा

ज्येष्ठ मास में वातावरण और शरीर में जल का स्तर गिरने लगता है। इसलिए जल का सही और पर्याप्त उपयोग करना चाहिए।

jyeshtha, jyeshtha maas 2019, jyeshtha maas 2019, jyeshtha maah, jyeshtha maah 2019, jyeshtha mahina, Hindu calendar, jyeshtha maas began from 19 may 2019, religion news

Jyeshtha Maas 2019: ये हैं ज्येष्ठ मास के प्रमुख व्रत और त्योहार, जानिए कब है वट सावित्री व्रत और निर्जला एकादशी

Jyeshtha Maas 2019: निर्जला एकादशी का उपवास काफी कठिन होता है। इस दिन जल की एक बूंद तक व्रती को ग्रहण नहीं करनी होती साथ ही उसे दूसरों को जल पिलाना होता है।

sunday, Nature of people born on sunday, astrology, astrology news, planets, astro news, planets, surya grah, sun planet, sun planet effect, sun planet effect on zodiac, zodiac, religion news

ज्योतिष के अनुसार जानिए, कैसे होते हैं रविवार के दिन जन्मे लोग

ज्योतिष के मुताबिक रविवार भगवान सूर्य का दिन है। इसलिए रविवार को जन्म लेने वाले व्यक्तियों पर सूर्य ग्रह का विशेष प्रभाव रहता है।

vaishakh purnima 2019, vaishakh purnima, snan daan purnima, snan daan purnima 2019, vaishakh purnima ke upay, vaishakh purnima 2019 ke upay, snan daan purnima ke upay, snan daan purnima 2019 ke upay, religion news, बुद्ध पूर्णिमा 2019, वैशाख पूर्णिमा का महत्व, वैशाख पूर्णिमा की कथा, buddha purnima 2019, kartik purnima puja vidhi, बुद्ध पूर्णिमा, buddha purnima 2018, lord buddha

Vaishakh Purnima 2019: स्नान दान की पूर्णिमा आज, जानिए किन चीजों का दान माना गया है शुभ

मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने अपने प्रिय मित्र सुदामा को सत्य विनायक का व्रत रखने को कहा था, जिसे करने के बाद उनकी गरीबी दूर हुई थी।

आज बुद्ध पूर्णिमा पर बन रहा है अत्यंत शुभ ‘समसप्तक राजयोग’, जानिए किन उपायों से होगा शुभ ही शुभ

पूर्णिमा की रात को कच्चे दूध में पूजा के उपयोग में लाने वाले शहद और चंदन को मिलाकर उसमें अपनी छाया देखें फिर चंद्रमा को अर्घ्य दें।

Buddha Jayanti 2019: ये हैं भगवान बुद्ध के चार आर्य सत्य, जिसे हर मनुष्य को जानना चाहिए

बता दें कि महात्मा बुद्ध को बिहार में स्थित महाबोधि मंदिर के महाबोधि वृक्ष या पीपल वृक्ष के नीचे कठिन तपस्या के बाद ज्ञान प्राप्त हुआ था। बाद में उनकी शिक्षा और ज्ञान को उनके अनुयायी पूरी दुनिया में विस्तार किया।

Happy Buddha Purnima 2019 Wishes Images, Quotes, Status, Wallpaper: इन शानदार संदेशों के जरिए दोस्तों को दें बुद्ध जयंती की शुभकामना

Happy Buddha Purnima 2019 Wishes Images, Quotes, Status, Wallpaper: शास्त्रों में बुद्ध पूर्णिमा की तिथि को बेहद खास महत्व दिया गया है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार इस दिन गंगा स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिल जाती है।

इमेज क्रेडिट- यू ट्यूब।

जानिए, वह रोचक प्रसंग जब भगवान गणेश ने तुलसी को दिया था वृक्ष होने का श्राप

तुलसी की मंशा देखकर गणेश जी ने तप भंग करने को अशुभ बताया और खुद को ब्रह्मचारी बताकर तुलसी के विवाह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

Hanuman temple, Salangpur, Gujarat, Gujrat, KashtBhanjan, Sarangpur, Hanuman, Shani Dev, KashtBhanjan, Kasht Bhanjan hanuman ji, Sarangpur, Hanuman, Shani Dev, कष्टभंजन हनुमानजी, कष्टभंजन हनुमानजी सारंगपुर, KashtBhanjan hanuman, KashtBhanjan hanuman temple, KashtBhanjan hanuman mandir, hanuman chalisa, hanuman aarti, religion news

इस वजह से शनिदेव को भी बनना पड़ा था स्त्री

जब शनिदेव को यह बात मालूम हुई कि हनुमानजी उन पर क्रोधित हैं और युद्ध करने के लिए उनकी ओर ही आ रहे हैं तो वे बहुत भयभीत हो गए।

किस मुद्रा में विराजमान हनुमान देते हैं कौन से आशीर्वाद, जानिए

मान्यताओं के अनुसार उत्तर दिशा वाली वाली हनुमान की मूर्ति या फोटो की पूजा करने से सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और सुख-समृद्धि और सौभाग्य मिलता है।

जानिए, कब है कूर्म जयंती? और क्या है भगवान विष्णु के कच्छप अवतार की महिमा

कूर्म अवतार को ‘कच्छप अवतार’ भी कहते हैं। कच्छप अवतार में श्री हरि ने क्षीरसागर के समुद्र मंथन में मंदार पर्वत को अपने कवच पर रखकर संभाला था।

purnima 2019, vaishakh purnima, buddha purnima, Know Puja Vidhi And Date Of Vaishakh Purnima, Buddha Purnima Date Time Importance Significance, vaishakha purnima date 2019 mahatva

Vaishakha Snana Daan Purnima 2019 Date: जानिए, वैशाख स्नान-दान पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त और विधि

Vaishakha Snana Daan Purnima 2019 Date: पौराणिक मान्यता के अनुसार वैशाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान विष्णु का तेइसवां अवतार महात्मा बुद्ध के रूप में हुआ था। इसलिए बौद्ध धर्म के अनुयायी इस दिन को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं।

Narasimha Jayanti 2019: भगवान विष्णु के पांचवें अवतार हैं नरसिंह, जानिए क्या है इनकी महिमा

Narasimha Jayanti 2019: प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु का परम भक्त था। यह बात जब हिरण्यकशिपु का पता चली तो वह बहुत क्रोधित हुआ और प्रह्लाद को समझाने का प्रयास किया, लेकिन फिर भी जब प्रह्लाद नहीं माना तो हिरण्यकशिपु ने उसे मृत्युदंड दे दिया।

Narasimha Jayanti 2019 Vrat Katha: नरसिंह जयंती आज, जानिए व्रत कथा और विधि

Narasimha Jayanti 2019 Vrat Katha: नरसिंह चतुर्दशी भगवान और भक्त के बीच पवित्र रिश्ते का दर्शाता है। शास्त्रों के अनुसार नरसिंह चतुर्दशी व्रत प्रदोष व्यापिनी चतुर्दशी को ही करना चाहिए।

uneral procession, शवयात्रा, funeral, hindu religion, ram naam satya hai, religious reason of ram naam satya hai, शवयात्रा, राम नाम सत्य है, hindu religion symbol, hindu religion quotes, Etymology, Recognition of Hindu religion, religion news, parampara, tradition about shavyatra

हिन्दू धर्म में शवयात्रा के समय क्यों कहते हैं ‘राम नाम सत्य है’, जानिए धार्मिक कारण

दरअसल शवयात्रा में ‘राम नाम सत्य है’ यह बोलकर मृतक को सुनाना नहीं होता है, बल्कि साथ में चल रहे परिजन, मित्र और वहां से गुजर रहे लोग इस तथ्य से परिचित हो जाएं कि राम का नाम ही सत्य है।

जानिए, राक्षस गायसुर के कारण ‘गया’ कैसे बना मोक्ष प्राप्ति का स्थान

पुराणों के अनुसार गया एक राक्षस हुआ जिसका नाम गायसुर था। कहते हैं कि गायसुर को उसकी तपस्या के कारण वरदान मिला था कि जो भी उसे देखेगा या उसका स्पर्श करेगा उसे यमलोग नहीं जाना पड़ेगा।

ज्योतिष शास्त्र: बच्चों की सुरक्षा के लिए ये ग्रह होते हैं जिम्मेदार, जानिए किन उपायों से बच्चे रहेंगे स्वस्थ

ज्योतिष के मुताबिक बच्चे की उम्र के आठ वर्ष तक सबसे अधिक प्रभाव चंद्रमा का होता है। इसके बाद चंद्रमा का प्रभाव क्रमशः कम और शांत होने लगता है। साथ ही बारह साल तक चंद्रमा स्थिर रहता है।