दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार की वाहन स्क्रैप नीति अब असर दिखाने लगी है। गौतमबुद्ध नगर जिले में इस योजना का लाभ उठाने वाले वाहन मालिकों की संख्या में वर्ष 2025 के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 6,013 वाहन मालिकों ने अपने पुराने और खटारा वाहनों को स्क्रैप कर नए वाहन खरीदने पर छूट और पंजीकरण शुल्क में राहत प्राप्त की।
यह पहल पिछले कुछ वर्षों में धीरे-धीरे आगे बढ़ी है। वर्ष 2022 में जहां केवल 94 वाहन मालिकों ने स्क्रैप नीति का लाभ लिया था, वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर 644 और 2024 में 2,744 तक पहुंच गई। हालांकि, 2025 में इसमें चार गुना से अधिक की वृद्धि देखी गई, जो प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ आर्थिक लाभ की दिशा में भी सकारात्मक संकेत है।
वाहन स्क्रैप नीति का मुख्य उद्देश्य पुराने, असुरक्षित और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाना है। इसके तहत वाहन मालिक अपने वाहन को अधिकृत स्क्रैप केंद्र पर जमा कराते हैं, जिसके बदले उन्हें ‘जमा प्रमाण पत्र’ प्रदान किया जाता है।
इस प्रमाण पत्र के आधार पर नए वाहन की कीमत पर 4 से 6 प्रतिशत तक की छूट मिलती है। इसके अलावा, राज्य सरकार की ओर से पंजीकरण शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है, जबकि वाहन निर्माता कंपनियां भी अतिरिक्त लाभ उपलब्ध कराती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक और मिश्रित तकनीक वाले वाहन लोकप्रिय होते जाएंगे, लोग पुराने वाहनों को हटाकर नए और आधुनिक वाहनों को अपनाने की ओर तेजी से बढ़ेंगे। वहीं, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नंद कुमार का कहना है कि लोग इस नीति का भरपूर लाभ उठा रहे हैं। इससे न केवल नए वाहन खरीदने में सहायता मिलती है, बल्कि वायु गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है।
