गुजरात में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए विपक्षी दल कांग्रेस कमर कस रही है और इसके लिए पार्टी ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में गुजरात से आने वाले पीएम मोदी को घेरने के बजाय भाजपा के स्थानीय नेताओं की घेराबंदी करेगी। पार्टी को लगता है कि भगवा दल के पास प्रदेश स्तर पर कोई बड़े कद का नेता नहीं है, लिहाजा पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को ‘कांग्रेस बनाम मोदी’ की जंग बनाने से परहेज करना चाहती है।

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी का मानना है कि चूंकि गुजरात चुनाव केंद्र में सरकार बनाने या प्रधानमंत्री चुनने का चुनाव नहीं है, इसलिए यह तय किया गया कि ये चुनाव पीएम नरेंद्र मोदी बनाम कांग्रेस नहीं बनना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, यह चुनाव गुजरात के लिए हैं और कांग्रेस की लड़ाई मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सीआर पाटिल से है।

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के लिए पीएम मोदी तुरुप का इक्का हैं और वे उनके नाम पर वोट मांगेंगे। उनके पास प्रदेश स्तर पर कोई बड़ा नेता नहीं है, इसलिए वे चुनाव को ‘मोदी बनाम कांग्रेस’ की लड़ाई में तब्दील करने की कोशिश करेंगे। लेकिन मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री नहीं बनना है। लोगों ने भाजपा के मुख्यमंत्रियों का कुशासन देखा है और कांग्रेस की लड़ाई उस कुशासन के खिलाफ है।

विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी परंपरा के मुताबिक, राज्य में मुख्यमंत्री पद के चेहरे के ऐलान के बिना ही आगामी चुनावों में उतरने का फैसला किया है। गुजरात में 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव इस साल के अंत तक होंगे। वहीं, विधानसभा चुनाव में भाजपा के सामने 24 साल से अधिक की सत्ता विरोधी लहर से निपटने की चुनौती होगी।

प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं वाले कांग्रेस के टास्क फोर्स ने इस सप्ताह की शुरुआत में गुजरात के नेताओं के साथ आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति तैयार करने के लिए एक बैठक बुलाई थी। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा गठित टास्क फोर्स में वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, मुकुल वासनिक, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला भी हैं।

इस बैठक में गुजरात कांग्रेस के प्रभारी रघु शर्मा, पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर, गुजरात कांग्रेस के दो पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया, अमित चावड़ा और प्रवक्ता मनीष दोशी भी मौजूद रहे। इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा हुई।