बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक, बिहार सरकार ने राज्य में पान मसाला पर बैन लगा दिया है। फिलहाल यह बैन 12 महीने के लिए लगाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद इसे स्थाई भी किया जा सकता है।
बिहार सरकार की ओर से 12 से ज्यादा ऐसे पान मसाला ब्रांड की लिस्ट जारी की गई है जिनकी बिक्री, उत्पादन या भंडारण पर प्रतिबंध लागू होगा। बता दें कि इस बार सत्ता में आने के बाद नीतीश कुमार ने वादे के मुताबिक बिहार में शराब पर बैन लगा दिया था। करीब चार साल से बिहार में शराब की बिक्री नहीं होती है।
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पान मसाला पर क्यों लगाया गया बैन?
बिहार में खाद्य संरक्षा आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि पान मसाला खाने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। शुक्रवार को इसे बैन करने का आदेश जारी किया गया है। जिन पान मसाला ब्रांडों की जांच की गई है उसमें पाया गया है कि मैग्रेशियम कार्बोनेट के तत्व ज्यादा पाए गए। इन तत्वों के सेवन से दिल संबंधी बीमारियां होती हैं।
मैग्नेशियम मिलाने पर है प्रतिबंध: इस तत्व से होने वाली दिल की बीमारियों को देखते हुए सरकार ने पान मसाला में इसे मिलाने पर बैन लगा दिया था। पान मसाला के लिए फूड सेफ्टी एक्ट 2006 के तहत मानक तय किया था। इसमें इस तत्व को मिलाने पर बैन की बात कही गई थी। लेकिन जिन 20 सैंपल की आयुक्त ने जांच कराई उसमें इसका तत्व मिला है। इसी कारण फिलहाल 12 महीने का बैन लगाया जा रहा है। इन सैंपल की समीक्षा जून से लेकर अगस्त के बीच की गई।
सरकार का कहना है कि हानिकारक पदार्थों के मिलावट से इसके सेवन करने वालों पर बुरे असर पड़ते हैं। तत्काल प्रभाव से इसे रोकने के लिए बैन का कदम उठाया गया है। हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से एक आदेश जारी करके इसकी जानकारी दी गई है।

