
पंजाबी सिंगर एमी विर्क इन दिनों किसी पहचान मौहताज नहीं हैं। उन्होंने अपने गाने और दमदार एक्टिंग के दम पर लोगों के दिलों में जगह बनाई है। एमी की गिनती पंजाब के टॉप सिंगर्स में की जाती है। एमी का बचपन से ही सपना था कि वो क्रिकेटर या सिंगर बने। जब वो सिंगर बनना चाहते थे तब एक दौर ऐसा आया कि चपरासी भी उनके गाने नहीं सुनना चाहता था। आज बात इससे जुड़े कुछ किस्से के बारे में करेंगे। 
बात तब की है जब एमी विर्क दूसरी या तीसरी कक्षा में पढ़ा करते थे। ऐमी का सपना था कि वो सिंगर बने या फिर क्रिकेटर बनकर देश का प्रतिनिधित्व करें। 
हालांकि वो क्रिकेटर तो नहीं बन सके पर सिंगर बन गए। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि जब वो सिंगर बनना चाहते थे तब म्यूजिक कंपनी के बाहर बैठा चपरासी भी उनके गाने नहीं सुनना चाहता था। जब वो गाना गाते थे तब वो उन्हें गेट से ही भगा देता था। 
उन्होंने अपने इंटरव्यू में बताया था कि जब वो दूसरी कक्षा में थे तब उन्होंने एक गाना याद कर लिया था और घर में आए मेहमान जब भी उन्हें गाना सुनाने के लिए बोलते थे तब एमी एक ही गाना सुनाते थे। ये सिलसिला कक्षा 10वीं तक चलता रहा। 
हालांकि उन्हें अपने परिवार का खूब साथ मिलता था। एमी की मां उन्हें हमेशा सिंगर बनने के लिए प्रेरित किया करती थीं। एमी विर्क को पढ़ाई का ज्यादा शौक नहीं था। उन्होंने गर्लफ्रेंड के चक्कर में बीएससी कर ली थी लेकिन उन्हें ये तक मालूम नहीं था बीएससी से क्या बनेंगे। उन्होंने इंटरव्यू में बताया था कि कॉलेज के दिनों में उन्होंने एक हारमोनियम खरीदा था लेकिन वो चोरी हो गया था। 
इसके बाद एमी ने घर से 10 हजार रुपये लिए और एक गाना बनाया। इस गाने को एमी ने यू ट्यूब पर डाल दिया। हालांकि ये गाना बहुत फेमस नहीं हुआ। 
इसके कुछ समय बाद उनकी मुलाकात हुई बी प्राक, जानी और अमरिंदर खैरा से। इन्होंने मिलकर गाना बनाया किस्मत। इस गाने ने इनकी जिंदगी बदल दी। ये गाना सुपरहिट साबित हुआ और यहां से एमी की गाड़ी दोड़ने लगी। 
सिंगर बनने के बाद उन्होंने अपनी एक्टिंग से भी लोगों का दिल जीता। वो कई पंजाबी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। हाल ही में फिल्म Bhuj: The Pride of India में भी नज़र आए थे। (All Images: Social Media)