Parliament Budget Session: बीजेपी और विपक्ष की मांग को लेकर संसद की कार्यवाही में गतिरोध बना हुआ है। बजट सत्र के दूसरे चरण में लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा नहीं चल पा रहे हैं। दो सप्ताह बीच जाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है। गतिरोध को दूर करने के लिए गुरुवार सुबह 10 बजे राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन के नेताओं की एक और बैठक बुलाई है। इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि अगर सरकार संसद चलने देने के लिए गंभीर है तो उसे राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देना चाहिए।
लंदन में दिए बयान को लेकर बीजेपी लगातार राहुल गांधी से मांफी मांगने की मांग कर रही है। इसे लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। राजनाथ सिंह के बयान के बाद कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राजनाथ सिंह के खिलाफ राहुल गांधी के बारे में उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग की। टैगोर ने कहा कि 13 मार्च को जब संसद सत्र में बुलाया गया तो राजनाथ सिंह ने बिना किसी सूचना के राहुल गांधी के खिलाफ अपमानजनक बयान दिया। राहुल गांधी भी लोकसभा के सदस्य हैं। ऐसे में राजनाथ सिंह ने लोकसभा के नियम 352 (ii) और नियम 353 का उल्लंघन किया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के खिलाफ अपमानजनक और अशोभनीय बयान दिया है। इसका ना तो कोई स्रोत बताया गया और ना ही कोई जानकारी दी गई। राजनाथ को इसके लिए कोई सबूत देने चाहिए। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस के लोकसभा सांसद अधीर रंजन चौधरी ने भी 13 मार्च को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राहुल गांधी के खिलाफ केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह और प्रह्लाद जोशी के बयान को हटाने का अनुरोध किया था।
‘जेपीसी जांच से नहीं होगा समझौता’
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि संसद में गतिरोध को खत्म करने के सिर्फ दो ही तरीके हैं। पहला राहुल गांधी को बीजेपी के आरोपों पर संसद में बोलने दिया जाएगा और दूसरा हिंडनबर्ग-अडानी पर जेपीसी के लिए विपक्षी दलों की मांग पर कोई समझौता नहीं होगा। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि अगर राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने की अनुमति दी जाती है और जिन मंत्रियों ने राहुल गांधी के खिलाफ टिप्पणी की है वह उसका खंडन करते हैं तो गतिरोध दूर हो सकता है।
