PM Narendra Modi First Address to the Nation after Historic Decision on Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के मसले पर ऐतिहासिक फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्र को पहली बार संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि देश में ऐतिहासिक फैसले से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में नए युग की शुरुआत हुई है। मोदी के मुताबिक, “एक राष्ट्र के तौर पर, एक परिवार के तौर पर, आपने, हमने, पूरे देश ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। एक ऐसी व्यवस्था, जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहन अनेक अधिकारों से वंचित थे, जो उनके विकास में बड़ी बाधा थी, वो हम सबके प्रयासों से अब दूर हो गई है।”
पीएम ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में बच्चों को शिक्षा का अधिकार है। पर जम्मू-कश्मीर के बच्चे इससे वंचित थे। बच्चियां भी यहां पर मिलने वाले हकों से वंचित थीं। सफाई कर्मचारियों के लिए देश भर में सफाई कर्मचारी एक्ट लागू है, पर वहां ऐसा नहीं था। देश में दलितों और अल्पसंख्यों पर अत्याचार रोकने को देश के अन्य राज्यों में कानून और व्यवस्था है, पर जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था।
मोदी के अनुसार, “आर्टिकल 370 और 35ए ने जम्मू कश्मीर को अलगाववाद, आतंकवाद, परिवारवाद और व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने में फैले भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। इन दोनों अनुच्छेद का देश के खिलाफ कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए पाकिस्तान द्वारा एक शस्त्र की तरह उपयोग किया जा रहा था।” वह आगे बोले- हमारे देश में कोई भी सरकार हो, वो संसद में कानून बनाकर देश की भलाई के लिए कार्य करती है। किसी भी दल या गठबंधन की सरकार हो, ये कार्य निरन्तर चलता रहता है।
PM मोदी का संबोधन यहां देखें:
#WATCH Prime Minister Narendra Modi addresses the nation https://t.co/Q1lbwDxTsq
— ANI (@ANI) August 8, 2019


केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में एक ऐतिहासिक संकल्प पेश किया जिसमें जम्मू कश्मीर राज्य से संविधान का अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य का विभाजन जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में करने का प्रस्ताव किया गया है। जम्मू कश्मीर केंद्र शासित क्षेत्र में अपनी विधायिका होगी जबकि...पढ़ें खबर।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के सभी खंड निष्प्रभावी कर दिए गए हैं। मोदी सरकार के इस कड़े कदम के बाद आर्टिकल 370 के इतिहास...पढ़ें पूरा किस्सा।
पीएम ने कहा कि कश्मीर पहले फिल्मों की शूटिंग के लिए पसंदीदा स्पॉट था। अब पहले जैसे ही हालात बनेंगे और दुनिया भर से लोग यहां शूटिंग करने आएंगे। वह यह भी बोले कि जम्मू-कश्मीर हमेशा के लिए केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा। हालात सामान्य होने पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा लौटा दिया जाएगा। पीएम ने संबोधन में यह भी आश्वासन दिया कि इस बार जम्मू-कश्मीर में किसी को भी त्यौहार मनाने में दिक्कत नहीं होगी।
अनुच्छेद 370 से जुड़े नरेंद्र मोदी सरकार के सोमवार (पांच अगस्त, 2019) को ऐतिहासिक फैसले से जम्मू-कश्मीर अब राज्य के बजाय केंद्र शासित प्रदेश होगा, जबकि उसके तहत आने वाले लद्दाख...पढ़ें पूरी खबर।
दरअसल, मोदी सरकार ने हाल में संसद के दोनों सदनों से जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पास कराया है, जो इससे राज्य के दर्जे के बजाय केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देता है। जम्मू-कश्मीर इससे राज्य के बजाय दो केंद्र शासित क्षेत्रों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) के तौर पर जाना जाएगा।
पीएम ऐसे वक्त पर राष्ट्र के नाम संबोधन देंगे, जब भारत-पाकिस्तान के रिश्ते बेहद तल्ख हैं। कश्मीर मुद्दे पर अपनी बौखलाहट में आज पाकिस्तान ने दोपहर को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दोनों मुल्कों के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस को अपनी सीमा में सफर के बीच छोड़ दिया।
पाक रेल मंत्री ने तो यह तक कहा कि यह ट्रेन सेवा हमेशा के लिए बंद कर दी गई है। हालांकि, भारतीय रेलवे ने साफ किया कि ऐसा नहीं हुआ है। समझौता एक्सप्रेस रोकने के बीच, पाकिस्तान ने अपने यहां भारतीय फिल्मों के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि बुधवार को उसने भारत से राजनयिक रिश्ते घटाने के साथ कारोबार सस्पेंड कर दिया था। कहा था कि वह कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाएगा।
पीएम ऐसे वक्त पर राष्ट्र के नाम संबोधन देंगे, जब भारत-पाकिस्तान के रिश्ते बेहद तल्ख हैं। कश्मीर मुद्दे पर अपनी बौखलाहट में आज पाकिस्तान ने दोपहर को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दोनों मुल्कों के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस को अपनी सीमा में सफर के बीच छोड़ दिया।
पाक रेल मंत्री ने तो यह तक कहा कि यह ट्रेन सेवा हमेशा के लिए बंद कर दी गई है। हालांकि, भारतीय रेलवे ने साफ किया कि ऐसा नहीं हुआ है। समझौता एक्सप्रेस रोकने के बीच, पाकिस्तान ने अपने यहां भारतीय फिल्मों के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि बुधवार को उसने भारत से राजनयिक रिश्ते घटाने के साथ कारोबार सस्पेंड कर दिया था। कहा था कि वह कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम गुरुवार (आठ अगस्त, 2019) को संबोधन से ऐन पहले जम्मू-कश्मीर से लगभग 70 आतंकियों और अलगाववादियों को...पढ़ें पूरी खबर।
पीएम मोदी गुरुवार को राष्ट्र को ऐसे समय में संबोधित करने जा रहे हैं, जब चंद ही दिन बाद उन्हें 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले, 27 मार्च को सैटेलाइट रोधी मिसाइल द्वारा एक सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता भारत द्वारा हासिल किए जाने की घोषणा करते हुए राष्ट्र को संबोधित किया था।
पीएम मोदी गुरुवार रात आठ बजे देश को संबोधित करेंगे। पीएमओ ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘पीएम मोदी आज रात आठ बजे देश को संबोधित करेंगे।’’ सूत्रों की मानें तो वह इस संबोधन में जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे से जुड़े अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर व लद्दाख) में बांटने के फैसले के बारे में बता सकते हैं।