जम्मू कश्मीर के बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा के जम्मू क्षेत्र को अलग राज्य बनाने की मांग की है। इसके बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बीजेपी नेता के बयान पर भड़क गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जम्मू और कश्मीर के पुराने राज्य से अलग करके लद्दाख को बर्बाद कर दिया। उन्होंने पूछा कि क्या वे जम्मू के साथ भी ऐसा ही करना चाहते हैं।

लद्दाख को पूरी तरह बर्बाद कर दिया- उमर अब्दुल्ला

उमर अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “उन्होंने (बीजेपी) लद्दाख को अलग कर दिया और उसे पूरी तरह बर्बाद कर दिया। अब अगर वे जम्मू को भी अलग करके बर्बाद करना चाहते हैं, तो उन्हें ऐसा करने दें।”

बीजेपी नेता ने क्या कहा था?

जम्मू के साथ भेदभाव का हवाला देते हुए बीजेपी नेता और विधायक शाम लाल शर्मा ने पिछले हफ्ते जम्मू और कश्मीर के बंटवारे और जम्मू के लिए राज्य का दर्जा देने की मांग की थी। यह पहली बार नहीं है जब शाम लाल शर्मा ने अलग जम्मू राज्य की मांग की है। 2010 में जब वह नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस सरकार में मंत्री थे, तब भी शाम लाल शर्मा ने जम्मू के लिए अलग राज्य की मांग की थी।

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बीजेपी की राजनीति फेल- सीएम

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू के लिए अलग राज्य की मांग इस बात का संकेत है कि बीजेपी की राजनीति फेल हो गई है। उन्होंने कहा, “आप लद्दाख को संभाल नहीं पाए। आप जम्मू को क्यों बर्बाद कर रहे हैं? किसी तरह उनकी राजनीति फेल हो गई है, और उन्हें अचानक जम्मू के लिए राज्य का दर्जा याद आ गया। वे किस आधार पर (जम्मू को अलग करने की कोशिश कर रहे हैं)? धर्म के आधार पर? जो चाहें करें, लेकिन जम्मू और कश्मीर को बर्बाद न करें।” उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बीजेपी उनकी सरकार पर जम्मू और कश्मीर की देखभाल न करने का आरोप लगा रही है, लेकिन वे (बीजेपी) ही इसे बर्बाद करने में शामिल हैं।

वहीं पीर पंजाल क्षेत्र के नेशनल कॉन्फ्रेंस के मंत्री और वरिष्ठ नेता जावेद राणा ने कहा कि वह समय दूर नहीं जब लद्दाख भी जम्मू और कश्मीर का हिस्सा होगा। उन्होंने कहा, “एक समय था जब जम्मू-कश्मीर एक पूरा राज्य था, इसकी सीमाएं उत्तर पश्चिमी सीमांत प्रांत (पाकिस्तान में) तक थीं। एक दिल हजार टुकड़ों में टूट गया – कुछ यहां गिरे, और कुछ वहां गिरे। आपने (केंद्र सरकार) एक हिस्सा पाकिस्तान को दे दिया, आपने गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान को दे दिया। आपने लद्दाख को अलग कर दिया। अब हमारे पास सिर्फ जम्मू और कश्मीर बचा है।”

नेशनल कांफ्रेंस के अन्य नेता भी भड़के

जावेद राणा ने कहा कि जम्मू डिवीजन के पीर पंजाल या चिनाब क्षेत्रों से अलग राज्य की कोई मांग नहीं है। उन्होंने पूछा, “अब जिन लोगों ने (जम्मू और कश्मीर) को तोड़ा है, वे कनक मंडी (जम्मू के मुख्य बाज़ार में एक छोटी सी जगह) को भी एक राज्य बनाना चाहते हैं। अगर वे कनक मंडी को राज्य बनाना चाहते हैं, तो हम क्या कह सकते हैं? मुझे विश्वास है कि वह दिन दूर नहीं जब लद्दाख फिर से जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बन जाएगा और यह एक एकजुट जम्मू-कश्मीर होगा। भारत सरकार के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।”

वहीं नेशनल कांफ्रेंस के जम्मू नेता रतन लाल गुप्ता ने अलग जम्मू की मांग को खतरनाक गेम-प्लान बताया है। उन्होंने कहा, “यह एक खतरनाक, गैर-जिम्मेदाराना और जन-विरोधी गेम प्लान है जो जम्मू और कश्मीर की एकता को खतरा पहुंचाता है और राष्ट्रीय हित को कमजोर करता है। यह बांटने वाली मांग जम्मू और कश्मीर को क्षेत्रीय और सांप्रदायिक आधार पर बांटने की जानबूझकर की गई कोशिश है। ऐसी राजनीति न केवल जम्मू और कश्मीर के लिए हानिकारक है, बल्कि देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर खतरा है।” (यह भी पढ़ें- धुरंधर के बारे में ये क्या बोल गए CM उमर अब्दुल्ला?)