BMC Election Result: 2026 में होने वाले बीएमसी चुनावों से पहले विपक्ष में हुई फूट उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस के लिए महंगी साबित हुई। ऐसा इसलिए क्योंकि मुंबई के कम से कम 32 वार्डों में वोटों के विभाजन से सत्तारूढ़ बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को सीधा फायदा मिला।
राज्य चुनाव आयोग की तरफ से जारी कैंडिडेट-वाइज वोटिंग डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि विपक्षी दलों के बीच हुए मुकाबले ने बीजेपी को 21 वार्ड और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 10 वार्ड जीतने में मदद की। मुंबई में गठबंधन का हिस्सा न होने के बावजूद, अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को भी एक वार्ड में विभाजित वोटों का फायदा मिला।
दो अतिरिक्त वार्डों वार्ड नंबर 173 और 225 में शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार बीजेपी से हार गए। इसका एक कारण यह रहा कि शिंदे गुट की शिवसेना के उम्मीदवारों के बीच आपस में ही वोट बंट गए। पार्टी नेताओं ने इसे फ्रेंडली फाइट कहा, लेकिन इससे विपक्ष को नुकसान हुआ और उनकी जीत की उम्मीदें और कमजोर हो गईं।
बीएमसी चुनावों के लिए शिवसेना-यूबीटी-कांग्रेस गठबंधन टूटने के बाद मतदान का विभाजन हुआ। उद्धव ठाकरे ने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के नेतृत्व वाली एमएनएस के साथ गठबंधन करना चुना, जिसके चलते कांग्रेस ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा। बाद में कांग्रेस ने प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी के साथ गठबंधन किया। वोटिंग आंकड़ों के अनुसार , विपक्षी दलों के बीच कोऑर्डिनेशन की कमी के कारण कई वार्डों में सीटों का नुकसान हुआ।
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नॉर्थ मुंबई के दहिसर वेस्ट वार्ड नंबर 1 में शिंदे सेना की रेखा यादव ने कांग्रेस उम्मीदवार शीतल म्हात्रे को 2474 वोटों से हराया, जिन्हें 5070 वोट मिले। सेना के यूबीटी वार्ड से फोरम परमार 4314 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे, जिससे यादव की जीत आसान हो गई।
| वार्ड नं. | जीत का अंतर | विजेता पार्टी (वोट) | फर्स्ट रनर अप (वोट) | सेकंड रन अप (वोट) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 2474 | शिवसेना – 7544 | कांग्रेस – 5070 | शिवसेना (UBT) – 4314 |
| 7 | 797 | भाजपा – 10148 | शिवसेना (UBT) – 9351 | कांग्रेस – 1672 |
| 20 | 2738 | भाजपा – 10268 | मनसे – 7530 | कांग्रेस – 3351 |
| 23 | 1280 | भाजपा – 7090 | मनसे – 5810 | निर्दलीय – 1885 |
| 31 | 278 | भाजपा – 10501 | कांग्रेस – 10223 | शिवसेना (UBT) – 1803 |
| 42 | 1022 | शिवसेना – 8541 | शिवसेना (UBT) – 7519 | VBA – 1066 |
| 52 | 964 | भाजपा – 9917 | शिवसेना (UBT) – 8953 | कांग्रेस – 1399 |
| 57 | 3678 | भाजपा – 10194 | कांग्रेस – 6516 | शिवसेना (UBT) – 4250 |
| 58 | 2251 | भाजपा – 10406 | मनसे – 8155 | कांग्रेस – 5459 |
| 63 | 538 | भाजपा – 9193 | शिवसेना (UBT) – 8655 | कांग्रेस – 4380 |
| 65 | 1083 | भाजपा – 8328 | शिवसेना (UBT) – 7245 | कांग्रेस – 6161 |
| 86 | 1964 | शिवसेना – 8248 | शिवसेना (UBT) – 6284 | कांग्रेस – 3317 |
| 91 | 1690 | शिवसेना – 8830 | शिवसेना (UBT) – 7140 | कांग्रेस – 4135 |
| 96 | 2722 | एनसीपी – 7162 | कांग्रेस – 4440 | शिवसेना (UBT) – 4040 |
| 106 | 164 | भाजपा – 11897 | मनसे – 11733 | आरएसपी – 343 |
| 125 | 569 | शिवसेना – 11132 | शिवसेना (UBT) – 10563 | एनसीपी – 1569 |
| 126 | 871 | भाजपा – 11134 | शिवसेना (UBT) – 10263 | कांग्रेस – 1065 |
| 129 | 3022 | भाजपा – 9815 | मनसे – 6793 | कांग्रेस – 6467 |
| 133 | 3639 | शिवसेना – 11295 | VBA – 8656 | मनसे – 4488 |
| 148 | 1091 | शिवसेना – 5004 | शिवसेना (UBT) – 3913 | कांग्रेस – 2267 |
| 154 | 1464 | भाजपा – 11349 | शिवसेना (UBT) – 9885 | कांग्रेस – 2590 |
| 144 | 1669 | भाजपा – 8844 | शिवसेना (UBT) – 7175 | कांग्रेस – 4838 |
| 159 | 276 | भाजपा – 6521 | कांग्रेस – 6245 | शिवसेना (UBT) – 3755 |
| 166 | 1955 | शिवसेना – 6435 | मनसे – 4480 | कांग्रेस – 3286 |
| 173 | 1682 | भाजपा – 9310 | शिवसेना (UBT) – 7628 | शिवसेना – 4336 |
| 174 | 2445 | भाजपा – 5523 | शिवसेना (UBT) – 3078 | कांग्रेस – 2921 |
| 180 | 1673 | शिवसेना – 8094 | शिवसेना (UBT) – 6421 | कांग्रेस – 6098 |
| 190 | 121 | भाजपा – 11468 | शिवसेना (UBT) – 11347 | कांग्रेस – 2208 |
| 221 | 901 | भाजपा – 6178 | कांग्रेस – 5277 | शिवसेना (UBT) – 3551 |
| 207 | 1318 | भाजपा – 8042 | मनसे – 6742 | ABS – 6377 |
| 209 | 1490 | शिवसेना – 7974 | कांग्रेस – 6484 | मनसे – 2157 |
| 225 | 4884 | भाजपा – 11307 | शिवसेना (UBT) – 6423 | शिवसेना – 5702 |
विपक्षी वोटों का हो गया बंटवारा
अंधेरी वेस्ट वार्ड नंबर 63 में भी ऐसा ही पैटर्न देखने को मिला, जहां भाजपा के रूपेश सावरकर ने शिवसेना के यूबीटी वार्ड के देवेंद्र अंबरकर को 538 वोटों के मामूली अंतर से हराया। सावरकर को 9193 वोट मिले, जबकि अंबरकर को 8,655 वोट हासिलए हुए। कांग्रेस उम्मीदवार प्रियंका सनप को 4,380 वोट मिले। घाटकोपर वार्ड नंबर 129 में बीजेपी की अश्विनी माटे ने 9815 वोटों से जीत हासिल की और एमएनएस उम्मीदवार विजया गीते को हराया, जिन्हें 6793 वोट मिले। कांग्रेस उम्मीदवार तृप्ति माटेले को 6467 वोट मिले, जिससे विपक्षी दलों के वोट एक बार फिर बंट गए।
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कांग्रेस और वीबीए को भी हुआ नुकसान
वोट बंटवारे से कांग्रेस और वीबीए उम्मीदवारों को भी नुकसान हुआ। घाटकोपर पूर्व वार्ड नंबर 133 में शिंदे सेना की निर्मिति कांडे ने 12295 वोटों से जीत हासिल की और वीबीए उम्मीदवार सुप्रिया जाधव को हराया, जिन्हें 8656 वोट मिले। एमएनएस उम्मीदवार को 4488 वोट मिले।
बांद्रा ईस्ट वार्ड नंबर 96 में एनसीपी की आयशा खान ने कांग्रेस उम्मीदवार शबान जाकिर को 2722 वोटों से हराया। शिवसेना की यूबीटी उम्मीदवार सना खान 4040 वोटों के साथ उनसे कुछ ही पीछे रहीं। वार्ड नंबर 106 में, जो चुनाव के सबसे करीबी मुकाबलों में से एक था, बीजेपी के प्रभाकर शिंदे ने एमएनएस उम्मीदवार सत्यवान दलवी को मात्र 164 वोटों से हराया। नोटा 610 वोटों के साथ तीसरे सबसे मजबूत विकल्प के रूप में उभरी, जबकि कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रीय समाज पार्टी के उम्मीदवार संजय घरत को 343 वोट मिले।
मानखुर्द वार्ड नंबर 135 में बीजेपी के नवनाथ बन ने 2058 वोटों से जीत हासिल की, जबकि एआईएमआईएम और शिवसेना के यूबीटी को क्रमशः 3520 और 3518 वोट मिले। धारावी वार्ड संख्या 188 में शिंदे सेना के भास्कर शेट्टी ने एआईएमआईएम को 478 वोटों से हराया, जबकि कांग्रेस को 5007 और एमएनएस को 1396 वोट मिले।
उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस पार्टी को बधाई दी
नतीजों के बाद शिवसेना के यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस को 24 सीटें जीतने पर बधाई दी। जब उनसे पूछा गया कि क्या गठबंधन टूटने से उनकी पार्टी के प्रदर्शन पर असर पड़ा है, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “राजनीति में ‘अगर-मगर’ पर बात नहीं की जा सकती।” शिवसेना यूबीटी के सूत्रों ने कहा कि मराठी वोटों को एकजुट करने के लिए एमएनएस के साथ गठबंधन जरूरी था। पार्टी के एक नेता ने कहा, “हम अपने सहयोगी की मांगों के आधार पर अपनी राजनीतिक चालें तय नहीं कर सकते। हमें अपनी राजनीति खेलनी है और वे अपनी राजनीति करने के लिए स्वतंत्र हैं।”
कांग्रेस का अलग चुनाव लड़ने का फैसला सही था- सचिन सावंत
मुंबई कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने हालांकि कहा कि अगर गठबंधन कायम रहता तो परिणाम अलग हो सकता था। उन्होंने कहा, “लेकिन उद्धवजी ने राज ठाकरे के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया। हमारे लिए उनके साथ जाना संभव नहीं था। ठाकरे ब्रदर्स के साथ जाने पर हमें और ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता था।” उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का अलग से चुनाव लड़ने का फैसला सही था।
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