कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को असम में एक रैली के दौरान केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। इस रैली में राहुल गांधी ने नागरिकता कानून का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने अपना गमछा दिखाते हुए कहा कि ‘हमने ये गमछा पहना है…इसपे लिखा है सीएए…इसपर हमने क्रॉस लगा रखा है, मतलब चाहे कुछ भी हो जाए…सीएए नहीं होगा। हम दो हमारे दो, अच्छी तरह सुन लो, सीएए नहीं होगा…कभी नहीं होगा।’ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवसागर में रैली में कहा कि कांग्रेस ने असम के लोगों को एकजुट किया।
इससे पहले हिंसा के चलते इस बात की कोई गारंटी नहीं हुआ करती थी कि कोई व्यक्ति जनसभा से घर वापस लौट पाएगा कि नहीं। मैं और कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता असम समझौते के सिद्धांतों की रक्षा करेंगे, हम इससे एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। राहुल गांधी ने शिवसागर की रैली में कहा कि भाजपा, आरएसएस असम को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, नरेन्द्र मोदी और अमित शाह इससे प्रभावित नहीं होंगे लेकिन असम और पूरा देश इससे प्रभावित होगा।
#WATCH | “…..Hum ne yeh gamchha pehna hai.. ispe likha hai CAA.. ispe humne cross laga rakha hai, matlab chahe kuchh bhi ho jaye.. CAA nahi hoga.. ‘hum do, hamare do’ achhi tarah sun lo, (CAA) nahi hoga, kabhi nahi hoga,” says Congress leader Rahul Gandhi in Sivasagar, Assam pic.twitter.com/ZYk7xAUdYx
— ANI (@ANI) February 14, 2021
राहुल गांधी ने आगे कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों का पैसा लूटा और अपने दो दोस्तों का कर्ज माफ कर दिया। रिमोट कंट्रोल से टीवी चल सकता है, मुख्यमंत्री नहीं, आपको अपना मुख्यमंत्री चाहिये जो आपकी परेशानियों को सुने, लेकिन असम के मौजूद मुख्यमंत्री केवल नागपुर और दिल्ली की सुनते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि परिस्थितियां चाहे जो भी रहें, अगर हम सत्ता में आए तो सीएए कभी लागू नहीं करेंगे।’
राहुल गांधी ने इस रैली में 100-50 रुपये के नोट और कुछ सिक्के दिखाते हुए कहा कि वह इससे बताएंगे कि बीजेपी देश में सीएए इसलिए लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि असम के मजदूरों को 167 रुपये मिलते हैं और गुजरात के कारोबारियों को टी गार्डन देते हैं। मोदी जानते हैं कि असम को तोड़कर ही वह यहां से चोरी कर सकते हैं।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि बाहर से आने वालों के लिए छोटा प्रदेश है। अलग धर्म, अलग जाति अलग भाषाएं… जब मैं आता था तब हर यात्रा पर तरुण गोगोई असम के बारे में ज्ञान देते थे। जो जानकारी थी वह तरुण गोगोई बढ़ाते थे। हर बार होकर जाता तो सीखकर जाता था।
