महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है। शहरी क्षेत्र में तो बीजेपी का पूरा दबदबा दिखा है। 29 नगर निगमों में बीजेपी के अकेले 1,425 पार्षद चुने गए हैं। महाराष्ट्र के सभी नगर निगमों में कुल 2,869 पार्षद है। ऐसे में लगभग आधे पर बीजेपी का कब्जा हो गया है। ये बीजेपी का अब तक का सबसे मजबूत नागरिक प्रदर्शन है। समय के साथ बीजेपी का महाराष्ट्र में ग्राफ बढ़ता गया है।
महाराष्ट्र में बढ़ता जा रहा भाजपा का दबदबा
पिछले नगर निगम चुनावों में पार्टी के पास 1,099 पार्षद थे, जबकि उससे पहले उसकी संख्या सिर्फ 320 थी। यह पार्टी का लगातार विस्तार दिखाता है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने शहरों और बड़े कस्बों में अपनी स्थिति को निर्णायक रूप से मजबूत किया है। बीजेपी अब राज्य के 29 नगर निगमों में से 13 में पूर्ण बहुमत हासिल कर चुकी है। इसमें नवी मुंबई, मीरा-भयंदर, पनवेल, नासिक, धुले, जलगांव, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, सोलापुर, नांदेड़, नागपुर, इचलकरंजी और जालना शामिल हैं। इसके अलावा मुंबई, उल्हासनगर, अमरावती, अकोला, छत्रपति संभाजीनगर और सांगली सहित छह अन्य निगमों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।
13 निगमों में पूर्ण बहुमत
हालांकि पिछले चुनाव में भी बीजेपी ने 13 निगमों में पूर्ण बहुमत हासिल किया था, लेकिन मौजूदा नतीजे दिखाते हैं कि पार्टी और मजबूत हुई है। पार्टी ने नए शहरी केंद्रों में अपनी पैठ बढ़ाई है और मौजूदा गढ़ों में अपनी पकड़ मजबूत की है। इन नतीजों की जड़ बीजेपी की 2014 की लोकसभा सफलता से देखी जा सकती है। इस लोकसभा चुनाव ने महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है। उस जीत में शहरी मतदान पैटर्न में बदलाव साफ नजर आया। बाद के विधानसभा और नागरिक चुनावों ने इस पैटर्न को और मजबूत किया है।
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शिवसेना भी हुई कमजोर
बीजेपी के प्रतिद्वंद्वियों और सहयोगियों की बात करें तो एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 399 पार्षदों के साथ दूसरी सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरी है। जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने 155 सीटें हासिल की हैं। कुल मिलाकर अविभाजित शिवसेना ने पिछले चुनाव में 489 पार्षद जीते थे। लेकिन विभाजन के बाद पार्टी के प्रदर्शन में गिरावट आया है।
हाशिए पर कांग्रेस-एनसीपी
कांग्रेस के पिछले चुनावों में 439 कॉर्पोरेटर चुने गए थे लेकिन अब यह संख्या घटकर सिर्फ़ 324 रह गई है। कांग्रेस सिर्फ़ लातूर में ही पूरी बहुमत हासिल कर पाई है, जो महाराष्ट्र के शहरों में उसके घटते असर को दिखाता है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ भी कुछ ऐसी ही कहानी हुई है। अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP ने 169 सीटें जीती हैं, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) सिर्फ़ 36 कॉर्पोरेटर के साथ हाशिये पर चली गई है। इसके उलट पिछली बार अविभाजित NCP ने 294 सीटें जीती थीं। नतीजों से पता चलता है कि बीजेपी की बढ़त उसके विरोधियों और सहयोगियों दोनों की कीमत पर हुई है। (यह भी पढ़ें- BMC हार के बाद बीजेपी पर हमलावर संजय राउत)
चुनाव दर चुनाव बढ़ती गई बीजेपी
| Political Party | Seats Won in 2026 | Seats Won in 27 corporations (Feb 2015–Dec 2018) | Seats Won in 27 Corporations (Feb 2009–Dec 2013) |
| BJP | 1,425 | 1099 | 320 |
| Shiv Sena | 399 | 489 | 413 |
| Shiv Sena (UBT) | 155 | — | — |
| Congress | 324 | 439 | 614 |
| NCP | 167 | 294 | 554 |
| NCP (SP) | 36 | — | — |
| Total Seats | 2,869 | 2,736 | 2,543 |
