महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति ने शानदार प्रदर्शन किया है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने दावा किया कि 29 में से 25 नगर निगम में हमारे मेयर बनने वाले हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में भी महायुति को जीत मिली है। इस बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने चुनाव आयोग को भी घेरा है।
उदित राज का बड़ा आरोप
कांग्रेस नेता उदित राज ने महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों की आलोचना करते हुए इन्हें अन्यायपूर्ण बताया। उदित राज ने आरोप लगाया कि नतीजों में अमिट स्याही की अहम भूमिका रही। उदित राज ने दावा किया कि नगर निकाय चुनावों में मतदान के दौरान कई लोग अपना नाम या मतदान केंद्र नहीं ढूंढ पाए।
उदित राज ने समाचाए एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, “यह बड़े पैमाने पर अन्यायपूर्ण चुनाव था। इस अन्यायपूर्ण चुनाव में अमिट स्याही की अहम भूमिका रही। सैकड़ों लोग सड़कों पर थे, अपना मतदान केंद्र नहीं ढूंढ पा रहे थे और सूची में अपना नाम खोजने के लिए संघर्ष कर रहे थे।”
किसे मिली कितनी सीटें?
आधिकारिक चुनाव परिणामों के अनुसार नगर निकायों की 2,869 सीटों में से भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति विजेता बनकर उभरी और 1,824 सीटें हासिल कीं। शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस मिलकर केवल 168 सीटें ही जीत पाईं। वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के साथ चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 324 सीटें मिलीं। वहीं पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के साथ गठबंधन में रही एनसीपी ने क्रमशः 167 और 36 सीटें जीतीं।
क्या है स्याही विवाद?
वहीं एक शिकायत आई कि वोटिंग के बाद लगाई गई पक्की स्याही आसानी से मिट रही थी। दरअसल उंगली पर स्याही लगाने की बजाय मार्कर से निशाना बनाया जा रहा है, जिसपर विभिन्न राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर मार्कर के निशान को सैनिटाइजर से मिटाकर दोबारा मतदान किया जा रहा है। (यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र में AIMIM की जीत से गदगद हुए असदुद्दीन ओवैसी)
