असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने डेमोग्राफी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैं अपने राज्य की बात करूं जो बांग्लादेश के साथ बॉर्डर साझा करता है, वहां पर बड़ी संख्या में घुसपैठ हो रही है। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर मैं सुप्रीम कोर्ट की भाषा में कहूं तो असम एक्टिव डेमोग्राफिक इनवेजन का सामना कर रहा है। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि जहां पर हम 90 फ़ीसदी हिंदू और 10 फीसदी मुस्लिम थे, वहां पर 60 फीसदी हिंदू और 40 फ़ीसदी मुस्लिम हो गए हैं।

असम में 40 फीसदी मुस्लिम आबादी- हिमंता

एक निजी चैनल से बात करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि ऐसी स्थिति में हमारी सोच में भी थोड़ा उल्टा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आप जैसा दिल्ली में सोचते हैं, वैसा मैं गुवाहाटी में बैठकर नहीं सोच सकता। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में 1961 से ही हर दशक 4 से 5 फ़ीसदी की मुस्लिम जनसंख्या में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना में असम में 34.5 फीसदी मुस्लिम थे। अगर हम 4 फ़ीसदी ग्रोथ रेट लेकर भी चले तो 2021 में 38 फीसदी हो गई और 2027 तक 40 फ़ीसदी हो गया।

‘आप धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे’

इसके बाद पत्रकार ने पूछा कि इससे क्या हो जाएगा? हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इससे आप धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि असम में जो हो रहा है वह कोई घर में जन्म लेने की वजह से नहीं, बल्कि डेमोग्राफिक इनवेशन की वजह से हो रहा है, यह एक तरीके से अटैक है। कोर्ट ने कहा है कि ये एक प्लान के तहत हो रहा है।

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असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इसे रोकने के लिए काम कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि बहुविवाह पर रोक लगाया गया है, चाइल्ड मैरिज पर भी रोक लगा है और 16 साल से नीचे असम में कोई शादी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अगर कानून कोई तोड़ता है तो उसे पॉक्सो के अंदर भी सजा मिलेगी और हम इसको बहुत ही गंभीरता से ले रहे हैं।

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि पहले हमने बाल विवाह को बंद किया, अब मैं बहुविवाह के पीछे लगा हूं, आगे हम जाकर बेटियों को समान अधिकार देंगे, तो हम लोग इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं और इस दिशा में काम कर रहे हैं। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि बांग्लादेश से लोग ना आए, इसको लेकर भी हम कदम उठा रहे हैं और हर दिन 30 से 40 लोगों को हम वापस भेज रहे हैं, जो बांग्लादेश से भारत आने का प्रयास कर रहे हैं।