Supreme Court

निजी चैरिटेबल अस्पतालों से SC ने पूछा, मामूली रेट पर जमीन पाने वाले क्या सस्ता इलाज नहीं कर सकते?

सुनवाई के दौरान हेल्थ केयर मिशन की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे अदालत में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जो अस्पताल रियायती दर वाली जमीन पर बने हैं, वो गरीब मरीजों को फ्री बेड दे रहे हैं।

केंद्र-राज्यों को 15 दिन की मोहलत दे बोला SC- सभी प्रवासी मजदूरों को पहुंचाएं घर, रोजगार के साथ करें रजिस्ट्रेशन का बंदोबस्त

केन्द्र की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया कि इन प्रवासी श्रमिकों को उनके पैतृक स्थान तक पहुंचाने के लिये तीन जून तक 4,200 से अधिक ‘विशेष श्रमिक ट्रेन’ चलाई गयीं हैं। इस दौरान उन्होंंने कहा कि किसी भी राज्य में कोई भी प्रवासी भूख प्यास से नहीं मरा जो भी मौतें हुईं हैं वो बीमारी के चलते हुई हैं।

बॉर्डर सील: केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश, राज्य संग मिलकर बनाएं दिल्ली-एनसीआर के लिए कॉमन पास

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘मौजूदा मामले के तथ्यों के आलोक में हमारी राय है कि भारत सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सभी राज्य की सीमाओं पर अंतर्राज्यीय आवागामन सुगम बनाने के लिये एक साझा कार्यक्रम और पोर्टल तैयार करने के लिये संबंधित राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की एक बैठक आहूत करेगी।

‘चले आए हैं कयामत के पैगंबर बनने’, प्रवासियों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों के सामने कपिल सिब्बल पर बरसे सॉलिसिटर जनरल

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि, “ये सभी लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं, इंटरव्यू दे रहे हैं, यहां तक कि इस बात को मानने के लिए भी तैयार नहीं हैं कि कितना कुछ किया जा चुका है। ये देश के प्रति कोई कृतज्ञता नहीं दिखा रहे हैं।”

‘जब FCI के पास सरप्लस खाद्यान्न तो गरीबों, प्रवासी मजदूरों को क्यों नहीं बांट रहे?’ SG की दलील पर भड़के SC जज

तुषार मेहता ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को 5 किलो अनाज और एक किलो दालें दी गई हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर अनाज दिया गया है तो लोग सड़कों पर क्यों चल रहे हैं?

राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने की कोई टाइमलाइन है क्या? SC ने पूछा तो सॉलिसिटर बोले- ‘चार हफ्ते दीजिए फिर बताऊंगा’

केंद्रीय मंत्रालय ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दया याचिका और क्यूरेटिव पिटीशन के नियम बदलने की मांग की थी।

जनता की स्वतंत्रता की रक्षा का अपना कर्तव्‍य निभाए कोर्ट

पत्रकार जो सरकार या मंत्री की आलोचना करते हैं, उन पर अक्सर NSA या UAPA जैसे भयावह अधिनियम के अंतर्गत देशद्रोह का आरोप लगाया जाता है और हिरासत में ले लिया जाता है।

Lockdown 4.0: फ्लाइट सीट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ- ‘हमें एयरलाइंस नहीं, लोगों की चिंता है’

प्रधान न्ययाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की पीठ ने ईद के अवसर पर अवकाश होने के बावजूद वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से केन्द्र की अपील पर सुनवाई की और एयर इंडिया को दस दिन तक बीच वाली सीट पर भी यात्री बिठाने की अनुमति दी।

जब लोग रेल पटरियों पर सोएंगे तो कोई कैसे रोकेगा? प्रवासी मजदूरों पर SC ने खारिज की याचिका, जज बोले- अखबार पढ़कर एक्सपर्ट बन रहे वकील

जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा कि याचिकाकर्ता की याचिका न्यूजपेपर पर आधारित है। इस मामले में सरकारों को काम करने दिया जाए और एक्शन लेने दिया जाए। लोग सड़क पर जा रहे हैं, पैदल चल रहे हैं, नहीं रुक रहे तो हम क्या सहयोग कर सकते हैं?

लॉकडाउन में भी पूरी सैलरी देने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा- किसी निजी कंपनी के खिलाफ न हो कानूनी कार्रवाई

Salary cut due to lockdown: कर्मचारियों को पूरी सैलरी देने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वे कर्मचारियों को सैलरी न देने पर अगले सप्ताह तक कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करें।

ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में माल्या की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील अस्वीकृत, 28 दिन में भेजा जा सकता है भारत

ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी, पिछले महीने हाईकोर्ट ने भी उसके भारत भेजे जाने का रास्ता साफ कर दिया था। इसके बाद माल्या सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

हमें चाहिए ईमानदार और काबिल जज- रिटायरमेंट के बाद बोले जस्टिस दीपक गुप्ता

न्यायपालिका में सुधार के बारे में क्या सलाह देना चाहेंगे के सवाल पर जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा, मेरे हिसाब से दो बड़ी समस्याएं (लंबित मामले और नियुक्तियों में देरी) हैं। यदि हमारे पास बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होगा तो हम लंबित मामलों से निपट सकते हैं।

‘अमीरों की मुट्ठी में कैद है कानून और न्याय व्यवस्था’, रिटायरमेंट के दिन विदाई भाषण में बोले सुप्रीम कोर्ट जज

उन्होंने कहा, “वर्तमान समय और दौर में न्यायाधीश इससे अनजान होकर ‘आइवरी टॉवर’ में नहीं रह सकते कि उनके आसपास की दुनिया में क्या हो रहा है? उन्हें इसके बारे में जरूर पता होना चाहिए।”

CoronaVirus: SC ने पूछा- रेलवे दे रहा 85% किराया? SG बोले- मुझे यह बताने का नहीं मिला है निर्देश

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार से किराए को लेकर सवाल पूछे तो सरकार की तरफ से मौजूद सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने इसे लेकर कोई जवाब नहीं दिया। सॉलिसिटर-जनरल ने कहा कि उनके पास टिकट किराए के अनुपात को साझा करने के कोई निर्देश नहीं है।

कोर्टरूम में बोले CJI- लोग फोन पर गंदी बात करते हैं तो क्या MTNL जिम्मेदार है? नहीं रोक सकते हैशटैग

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट के चीफ एसए बोबड़े ने सुनवाई के दौरान कहा कि हम ऐसा कैसे कर सकते हैं। कोर्ट कैसे आदेश दे सकता है? यह तो ठीक ऐसा है जैसे लोग फोन पर गंदी बात कर रहे हैं को क्या MTNL जिम्मेदार है ?

निजी कर्मचारियों को पूरी सैलरी देने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं लगाई रोक, गृह मंत्रालय से दो सप्ताह में मांगा जवाब

गृह मंत्रालय की ओर से 29 मार्च को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया गया था कि लॉकडाउन के दौरान भी प्राइवेट संस्थानों को कर्मचारियों को पूरी सैलरी देनी होगी। यही नहीं ऐसा न करने पर कंपनियों को कानूनी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।

प्रशांत भूषण ने न्यायपालिका का किया था अपमान, SC से पड़ी फटकार- हम पर आपका यकीन ही नहीं, तो क्यों करें सुनवाई?

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि प्रशांत भूषण को न्यायपालिका पर यकीन नहीं है। वहीं जस्टिस संजय किशन कौल ने भूषण से पूछा कि जब आपको हम पर यकीन ही नहीं है, तो हम सुनवाई क्यों करें?

सर्वे: हाईकोर्ट के 50 और सुप्रीम कोर्ट के 33% जज चंद घरानों के बेटे-भतीजे, भारत में ज्यूडिशरी का हाल

मुंबई के एक वकील की रिसर्च में दावा है कि न्यायपालिका में उच्च पदस्थ लोगों के परिवार वाले बड़ी संख्या में हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट में जज।