जस्टिस नाथ ने रामचंद्रन से कहा, “आपकी मुवक्किल ने अवमानना की है। हमने कोई कार्रवाई नहीं की है, यही हमारी उदारता है। आप देखिए वह क्या कहती हैं, उनकी बॉडी लैंग्वेज कैसी है!” वरिष्ठ वकील ने कहा, “सार्वजनिक टिप्पणियों के मामले में वकील और न्यायाधीश अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाएंगे। मुझे आवेदनों पर बोलने दीजिए।