शी का रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने का आह्वान, मोदी ने उठाया घुसपैठ का मुद्दा

नई दिल्ली। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शांति और समृद्धि के लिए भारत के साथ रणनीतिक और सहयोगात्मक भागीदारी को आज ‘‘नई ऊंचाईंयों’’ पर ले जाने की उम्मीद जतायी जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीनी नेता के समक्ष लद्दाख क्षेत्र में चीनी घुसपैठ के मुद्दे को उठाया। आज दोनों नेताओं के बीच शिखर बैठक से […]

नई दिल्ली। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शांति और समृद्धि के लिए भारत के साथ रणनीतिक और सहयोगात्मक भागीदारी को आज ‘‘नई ऊंचाईंयों’’ पर ले जाने की उम्मीद जतायी जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीनी नेता के समक्ष लद्दाख क्षेत्र में चीनी घुसपैठ के मुद्दे को उठाया।
आज दोनों नेताओं के बीच शिखर बैठक से पूर्व मोदी ने कल प्रोटोकाल से हटकर चीनी राष्ट्रपति का अहमदाबाद में शानदार स्वागत किया । कल रात नयी दिल्ली पहुंचे शी के तीन दिवसीय भारत दौरे की शुरूआत आज सुबह यहां राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में उनके रस्मी स्वागत से हुई ।
जम्मू कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच बनी गतिरोध की स्थिति की पृष्ठभूमि में शी और मोदी के बीच शिखर वार्ता हैदराबाद हाउस में शुरू हो गयी है ।
चीनी घुसपैठ के संबंध में किए गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा, ‘‘ शिखर बैठकें नेताओं के लिए वह अवसर होती हैं जब वे द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े सभी ठोस मुद्दों को उठाते हैं । प्रधानमंत्री ने बीती रात, यात्रा पर आए विशेष मेहमान के साथ बैठक में यह मुद्दा उठाया।’’
उन्होंने कहा कि आज दोनों नेताओं के बीच सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताओं में भी इस मसले पर आगे विचार विमर्श किया जाएगा।
कल अहमदाबाद पहुंचे शी के लिए निजी रात्रि भोज का आयोजन करने वाले मोदी ने चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर भारतीय चिंताओं से चीनी राष्ट्रपति को अवगत कराया था । सूत्रों ने यह जानकारी दी ।
चीनी राष्ट्रपति शी ने राष्ट्रपति भवन में रस्मी स्वागत के बाद संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में उम्मीद जतायी कि चीन और भारत अपनी रणनीतिक और सहयोगात्मक भागीदारी को नई ऊंचाईयों ले जाएंगे ।
शी ने कहा कि वह तीन लक्ष्यों के साथ भारत आए हैं जिनका मकसद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत आपसी समझ निर्मित करना है ।
शी ने कहा कि दोनों देशों की जनता के लाभ के लिए दोनों देश साझा विकास पर एक दूसरे के साथ मिलकर काम कर सकते हैं । उन्होंने कहा, ‘‘ इस यात्रा के जरिए , मुझे भारत और चीन के बीच मजबूत संबंधों के निर्माण के लिए, भारतीय नेतृत्व के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद है । साथ ही शांति और समृद्धि के लिए हमारी रणनीतिक तथा सहयोगात्मक भागीदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए एक दूसरे के साथ काम करने की भी उम्मीद है ।’’
शिखर वार्ता से पूर्व, शी महात्मा गांधी की समाधि राजघाट गए और राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी शी से मुलाकात की।
चीनी नेता ने कहा कि उनकी यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच की मैत्री को आगे बढ़ाना है ।
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और मोदी के साथ शी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ चीन और भारत दोनों प्राचीन सभ्यताएं हैं जिनके बीच हजारों सालों से मैत्रीपूर्ण संवाद रहा है । हम दोनों एक दूसरे की सभ्यता की सराहना और सम्मान करते हैं । यह महत्वपूर्ण है कि हम मैत्रीपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाएं और यह सुनिश्चित करें कि हम एक दूसरे से किए गए वादों को निभाएंगे ।’’
शी ने कहा कि उनका दूसरा मकसद सहयोग को मजबूत बनाना है । उन्होंने कहा, ‘‘ चीन और भारत , दोनों उभरते बाजार हैं । यह महत्वपूर्ण है कि हम सहयोग बढ़ाएं ताकि भारत और चीन की जनता को इससे लाभ मिल सके ।’’
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका तीसरा लक्ष्य विकास को एक साथ मिलकर आगे बढ़ाना है क्योंकि विकास दोनों देशों की प्राथमिकता है ।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने संबंधों को गहरा करें और एक करीबी विकासात्मक भागीदारी विकसित करें ।’’
चीन और भारत को विश्व के दो सबसे बड़े विकासशील देश और उभरते बाजार बताते हुए शी ने कहा, ‘‘ हम उभरते बहुधु्रवीय विश्व में भी दो महत्वपूर्ण ताकतें हैं । इसलिए हमारे संबंधों का रणनीतिक और वैश्विक महत्व है ।’’
चीनी राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने केंद्रीय कैबिनेट से उनका परिचय कराया।

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