India vs New Zealand, 3rd ODI Match, Virat Kohli Century: न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय में भारत को 41 रन से हार झेलनी पड़ी। इस हार के कारण भारतीय टीम तीन मैच की सीरीज 1-2 से हार गई। सीरीज का आखिरी मैच इंदौर के होलकर क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया।
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट पर 337 रन बनाए। भारतीय टीम 46 ओवर में 296 रन पर ऑलआउट हो गई। हालांकि, विराट कोहली ने फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें ‘किंग ऑफ चेज’ कहा जाता है।
लक्ष्य का पीछा करते हुए जब भारत के विकेट लगातार गिर रहे थे, तब विराट अकेले मोर्चा संभाले खड़े रहे। उन्होंने हालात के मुताबिक संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 124 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम को जीत की दहलीज तक नहीं पहुंचा सके।
भारत की हार पर दिग्गज क्रिकेटर भावुक
मैच के बाद क्रिकेट जगत के दिग्गज भावुक नजर आए। सुनील गावस्कर ने विराट के जज्बे और मैच के हालात के मुताबिक खेलने की तारीफ की, वहीं हरभजन सिंह ने मजबूत शुरुआत की कमी को हार की सबसे बड़ी वजह बताया। अजिंक्य रहाणे और जहीर खान ने भी माना कि जब तक विराट क्रीज पर थे, जीत की उम्मीद जिंदा थी, लेकिन उन्हें अंत तक जरूरी साथ नहीं मिल सका।
विराट किसी इमेज के गुलाम नहीं: गावस्कर
सुनील गावस्कर ने कहा, ‘विराट की खासियत यह है कि वह किसी इमेज से बंधे नहीं हैं। बहुत से बल्लेबाज और गेंदबाज इस बात से बंधे होते हैं कि लोग उन्हें कैसे देखते हैं। उन्हें लगता है कि उस इमेज पर खरा उतरना होगा। विराट ऐसे नहीं हैं। वह अपने काम पर ध्यान देते हैं और उनका काम रन बनाना है।’
सुनील गावस्कर ने कहा, ‘कभी-कभी, इसका मतलब है सतर्क शुरुआत करना और फिर खुलकर खेलना। कभी-कभी, इसका मतलब है जल्दी अटैक करना और फिर फील्ड फैलाने पर एक-दो रन लेना। वह इस बात की उम्मीदों से नहीं चलते कि उन्हें कैसे खेलना चाहिए।’
सुनील गावस्कर ने कहा, ‘यही टेम्परामेंट सबसे जरूरी है। वह यह नहीं सोचते कि ‘मुझसे छक्का मारने की उम्मीद है।’ वह स्थिति के हिसाब से खेलते हैं। वह कभी हार नहीं मानते। आखिर तक, वह कोशिश कर रहे थे। युवाओं के लिए, यह सबसे बड़ा सबक है, किसी इमेज के हिसाब से मत जियो। स्थिति के हिसाब से खेलो और आप जितना सोचते हैं उससे कहीं ज्यादा कंसिस्टेंट रहेंगे।’
सुनील गावस्कर ने कहा, ‘जब तक विराट कोहली को अच्छा सपोर्ट नहीं मिलता, यह हमेशा मुश्किल होने वाला था और उन्हें बहुत कम सपोर्ट मिला। पूरी सीरीज में भारत के लिए असली समस्या शुरुआत रही है। जैसा कि कहते हैं, ‘अच्छी शुरुआत मतलब आधा काम हो गया।’
‘जब तक विराट थे, जीत की उम्मीद जिंदा थी’
जहीर खान ने कहा, ‘जब तक कोई जाना-पहचाना बल्लेबाज क्रीज पर था, तब तक उम्मीद थी, इस मामले में विराट थे। हम सब जानते हैं कि जब वह अपनी लय में होता है तो क्या कर सकता है। चेज करना पूरे करियर में उसकी ताकत रही है। ऐसा लग रहा था कि उसे खुद पर भरोसा है।’
जहीर खान ने कहा, ‘उसे बस सपोर्ट की जरूरत थी, जो उस समय नितीश रेड्डी ने दिया, लेकिन विराट ने लगभग टीम के लिए यह कर ही दिया था और उसे लाइन पार (लक्ष्य हासिल) न कर पाने का दुख जरूर हो रहा होगा।’
‘अच्छी शुरुआत होती तो लक्ष्य पाना संभव था’
हरभजन सिंह ने कहा, ‘विराट कोहली ने शानदार 124 रन बनाए और उनके साथ रेड्डी ने 53 और राणा ने भी 52 रन बनाए। मुझे लगता है कि अगर रेड्डी की पारी थोड़ी और लंबी चलती तो चेज मुमकिन हो सकता था। हालांकि, जैसा कि मैं देख रहा हूं, जैसी शुरुआत चाहिए थी, वैसी नहीं मिली।
उन्होंने कहा, विकेट जल्दी गिर गए। कोहली क्रीज पर टिके रहे, लेकिन किसी ने उनका साथ नहीं दिया। मुझे लगता है कि चेज मुमकिन हो सकता था, लेकिन जब आप 337 रन का पीछा कर रहे होते हैं तो एक अच्छी शुरुआत मिलना बहुत जरूरी हो जाता है, जो भारतीय टीम को नहीं मिली।’
‘विराट को आउट करने का तरीका नहीं था’
कृष्णामाचारी श्रीकांत ने कहा, ‘विराट कोहली किंग ऑफ किंग्स हैं। उन्हें सलाम। क्या शानदार पारी खेली! अगर आप स्कोरकार्ड और विकेट गिरने का तरीका देखें तो विकेट लगातार गिर रहे थे। स्कोर 1/28, 2/45, 3/68 और 4/71 था। कोहली ने एक बेहतरीन पारी खेली।’
श्रीकांत ने कहा, ‘अपनी शुरुआती कुछ गेंदों पर ही छक्का मारा। उन्हें आउट करने का कोई तरीका नहीं था। वह सिर्फ किंग ऑफ किंग्स ही नहीं, बल्कि चेज के भी किंग हैं। कोहली के लिए सेंचुरी बनाना और हारना बहुत कम होता है। राणा के आउट होने के बाद कोहली निराश थे और उन्हें बड़े शॉट खेलने पड़े।’
विराट के आउट होते ही पलट गया मैच: रहाणे
अजिंक्य रहाणे ने कहा, ‘वह बहुत निराश होंगे। भारत के चार विकेट गिरने के बाद जिस तरह से उन्होंने नितीश रेड्डी और हर्षित राणा के साथ साझेदारी की, उन्होंने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। वह बहुत दुखी होंगे। छह ओवर में 60 से ज्यादा रन, यह भारत का गेम था। लेकिन जैसे ही विराट आउट हुए, वहीं से न्यूजीलैंड ने गेम अपने नाम कर लिया।’
उन्होंने कहा, ‘जब भी विराट मैदान पर उतरते हैं, हर कोई रिकॉर्ड्स की बात करता है। अभी लंबा रास्ता तय करना है। मुझे नहीं लगता कि विराट उस रिकॉर्ड के बारे में सोच रहे होंगे। वह सिर्फ एक फॉर्मेट खेल रहे हैं इसलिए वह बस उस पल में रहना चाहेंगे।’
अजिंक्य रहाणे ने कहा, ‘हां, मन के किसी कोने में वह नंबर उनके दिमाग में चल रहा होगा। हालांकि, मुझे नहीं लगता कि विराट कोहली अब भी उस नंबर के बारे में सोच रहे होंगे। वह बस इस फॉर्मेट में अच्छा करना चाहेंगे और देश के लिए मैच जीतने की कोशिश करेंगे।’
