फिटनेस की दुनिया में प्रोटीन को ‘बिल्डिंग ब्लॉक’ माना जाता है, लेकिन इसकी एक कड़वी सच्चाई ये भी है कि हर किसी का पेट इसे आसानी से नहीं पचा पाता। अक्सर लोग जिम और मसल्स बनाने के लिए हाई-प्रोटीन डाइट तो शुरू कर देते हैं, लेकिन जल्द ही गैस, ब्लोटिंग और भारीपन जैसी समस्याओं से घिर जाते हैं। तो क्या इसका मतलब ये है कि आप प्रोटीन खाना छोड़ दें? बिल्कुल नहीं! विज्ञान कहता है कि समस्या प्रोटीन में नहीं, बल्कि उसके चुनाव और उसे पचाने के तरीके में है।

प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन अगर इसे लेने के चक्कर में पाचन खराब हो जाए तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. पाल मणिकम ने ऐसे 5 प्रोटीन-रिच फूड्स बताए हैं, जो न सिर्फ शरीर की न्यूट्रिशनल जरूरतें पूरी करते हैं बल्कि गट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हैं। ये फूड आपके पाचन तंत्र पर बोझ नहीं डालेंगे। आइए जानते हैं क्या है वो सुपरफूड्स जो आपके पेट और मांसपेशियों दोनों का ख्याल रखेंगे।

लो-फैट पनीर

कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, नवी मुंबई की चीफ डाइटीशियन प्रतीक्षा कदम के मुताबिक पनीर प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है। यह मांसपेशियों के निर्माण, रिपेयर और रोजमर्रा की शारीरिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। लो-फैट पनीर पाचन के लिए हल्का होता है और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है। कम कार्ब डाइट फॉलो करने वालों के लिए यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है।

 टोफू

टोफू को पनीर से भी ज्यादा न्यूट्रिशनल माना जाता है। यह सोयाबीन से बना होता है और इसमें सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड मौजूद  होते हैं। डायटीशियन के मुताबिक 100 ग्राम टोफू में लगभग 8–10 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि कैलोरी पनीर से काफी कम होती है। यह पाचन में आसान है और वजन कंट्रोल करने वालों के लिए भी बेहतर विकल्प माना जाता है।

टेम्पेह

टेम्पेह फर्मेंटेड सोयाबीन से बनता है, जिससे इसमें प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं। ये प्रोबायोटिक्स पाचन सुधारने और गट हेल्थ मजबूत करने में मदद करते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार 100 ग्राम टेम्पेह में लगभग 19 ग्राम प्रोटीन होता है, जो इसे सबसे ज्यादा प्रोटीन-रिच विकल्प बनाता है। इसके साथ ही इसमें फाइबर भी होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है।

अंकुरित मूंग दाल

डाइटीशियन दीपलक्ष्मी के अनुसार अंकुरित मूंग दाल प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसे भिगोने और अंकुरित करने से इसमें मौजूद फाइटिक एसिड टूट जाता है, जिससे आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व बेहतर तरीके से शरीर में अवशोषित होते हैं। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है, लेकिन इसकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा सेवन से गैस और ब्लोटिंग हो सकती है।

ग्रीक योगर्ट

ग्रीक योगर्ट में हाई प्रोटीन के साथ-साथ प्रोबायोटिक्स भी होते हैं, जो पाचन और गट हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। 100 ग्राम ग्रीक योगर्ट में करीब 9 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और वजन कंट्रोल करने में सहायक होता है। सुबह के समय इसका सेवन हड्डियों को मजबूत बनाने वाले कैल्शियम की भी अच्छी आपूर्ति करता है।

निष्कर्ष

अगर आप प्रोटीन की जरूरत पूरी करना चाहते हैं और साथ ही पाचन को भी दुरुस्त रखना चाहते हैं, तो इन 5 गट-फ्रेंडली फूड्स को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। संतुलित मात्रा में इनका सेवन शरीर को ताकत देने के साथ-साथ गट हेल्थ और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाए रखता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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