Lok Sabha Election 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने से एक दिन पहले बुधवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ लंबी बैठक की और अपनी सरकार के गठन को अंतिम रूप दिया। माना जा रहा है कि सरकार में अधिकतर सहयोगी दल शामिल होंगे और देश के विभिन्न हिस्सों में पार्टी को मिली जीत की झलक भी इसमें होगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली के स्वास्थ्य आधार पर मंत्री नहीं बनने के फैसले के बाद अटकलें लगायी जा रही हैं कि जेटली के स्थान पर किन्हें यह महत्वपूर्ण विभाग मिलेगा। इस पद के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल को प्रमुख दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है।
ऐसी चर्चा भी है कि शाह जो गांधीनगर से लोकसभा के लिए चुने गए हैं, सरकार में शामिल हो सकते हैं। अगर वह मोदी कैबिनेट में शामिल होते हैं, तो उन्हें चार प्रमुख विभागों वित्त, गृह, रक्षा या विदेश में से कोई एक मिल सकता है। भाजपा ने सरकार के संभावित सदस्यों के बारे में कोई भी आधिकारिक बयान देने से परहेज किया है और पार्टी नेताओं ने जोर दिया कि यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है।
अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराने वाली स्मृति ईरानी, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र प्रधान जैसे वरिष्ठ नेताओं के दूसरी मोदी सरकार में शामिल होने की संभावना है।
नेता चुनने के लिए एक जून को कांग्रेस संसदीय दल की बैठकः लोकसभा में कांग्रेस का नेता चुनने के लिए आगामी एक जून को पार्टी संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में नेता चुनने के साथ ही किसी सांसद को मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि यह बैठक संसद के केंद्रीय कक्ष में होगी और इसमें आगामी सत्र के लिए रणनीति पर भी चर्चा होगी।
दरअसल, कांग्रेस को इस चुनाव में कुल 52 सीटें हासिल हुई हैं जिस वजह से सदन में उसके नेता को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी एक बार फिर नहीं मिलेगी। कांग्रेस के सामने इस बार नेता चुनने के समय एक बड़ी मुश्किल और आएगी कि उसके पास बहुत सारे विकल्प नहीं हैं। इससे पहले, 16वीं लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे लोकसभा में कांग्रेस के नेता और ज्योतिरादित्य सिंधिंया मुख्य सचेतक थे। वे दोनों इस बार चुनाव हारे हैं।

Highlights
बीजेपी के फायरब्रांड फेस और एनडीए संसदीय दल के नेता नरेंद्र मोदी वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलने उनके आवास पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान वह जेटली से अपना फैसला बदलने के लिए गुजारिश कर सकते हैं। बता दें कि जेटली ने सुबह पीएम के नाम खत जारी कर कहा था कि उन्हें नई सरकार में मंत्रिमंडल में शामिल न किया जाए। बीजेपी नेता ने इस असमर्थता के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था।
मोदी गुरुवार को वह शपथ से पहले शपथ से पहले राजघाट जाएंगे, जो कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का समाधि स्थल है। बताया गया कि वह इसके अलावा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि पर भी जाएंगे और उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। मोदी इसके बाद इंडिया गेट के पास कुछ ही समय पहले बने वॉर मेमोरियल पर भी जाएंगे।
वहीं, समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, उनकी मां व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और यूपीए कार्यकाल में पीएम रहे मनमोहन सिंह भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इनके अलावा पुदुचेरी के मुख्यमंत्री वी.नारायणसामी को भी नरेंद्र मोदी के शपथ समारोह के लिए न्यौता भेजा गया है। वह इसमें शामिल होंगे। मोदी के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए बुधवार शाम बांग्लादेशी राष्ट्रपति अब्दुल हामिद नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।
भाजपा विधायक मनजिंदर एस सिरसा ने ट्विटर पर एक सर्वेक्षण कराया जिसमें उन्होंने पूछा था कि लोग दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बारे में क्या सोचते हैं लेकिन उनका यह कदम उस समय उल्टा पड़ गया जब ज्यादातर प्रतिभागियों ने आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख के पक्ष में वोट किया।
सिरसा पर तंज कसते हुए ‘आप’ के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को कहा कि यह अच्छी बात है कि भाजपा विधायक ने सर्वेक्षण कराया और इससे पता चलता है कि भगवा पार्टी के समर्थक भी अगले वर्ष होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को वोट देना चाहते हैं।
सिरसा ने ‘ट्विटर पोल’ में केजरीवाल के पक्ष में या खिलाफ होने का विकल्प दिया था। सर्वेक्षण में शामिल हुए 70 प्रतिशत प्रतिभागियों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के पक्ष में वोट किया जबकि 30 प्रतिशत ने उनके खिलाफ मत किया। हालांकि, सिरसा ने दावा किया कि सर्वेक्षण में आप के कार्यकर्ताओं द्वारा धांधली की गई है।
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि साम्प्रदायिकता के बढ़ने से देश की धर्मनिरपेक्ष छवि खतरे का सामना कर रही है। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में श्रीनगर सीट से विजयी अब्दुल्ला ने कहा कि वक्त की दरकार है कि धार्मिक स्वतंत्रता और देश में कानून के शासन की हिफाजत के लिए सामूहिक कोशिश की जाए।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत में कहा कि उत्तर भारत में विभिन्न स्थानों पर मुसलमानों को निशाना बना कर किए गए हमले दुखद हैं। क्या हमारे संविधान निर्माताओं ने इसी भारत की कल्पना की थी? केंद्र सरकार के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती इन घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पक्षपात करते हुए ‘‘क्लीन चिट’’ दिए जाने के आरोपों को खारिज किया और कहा कि इस बारे में फैसला गुण-दोष और तथ्यों के आधार पर लिया गया।
दरअसल, लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोदी और शाह के भाषणों से जुड़ी शिकायतों पर उन्हें दी गई चुनाव आयोग की सिलसिलेवार ‘‘क्लीन चिट’’ पर चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने असहमति जताई थी। वहीं, विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर पक्षपात के साथ फैसला करने का आरोप लगाया था।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को राज्य-स्तरीय समिति का गठन करने की घोषणा की है। यह समिति सरकार और किसानों के बीच समन्वय का काम करेगी। मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद किसान संगठन ने एक जून से प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने यहां भारतीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश के सभी 50 जिलों से आए किसान प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद की। मुख्यमंत्री ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अमल की समस्याओं के समाधान के लिए जिला-स्तर पर अपील कमेटी भी गठित करने के निर्देश दिए।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल अध्यक्ष ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है। बुधवार (29 मई, 2019) को उनके दल के दो नेता बीजेपी में शामिल हो गए। इनमें एक मौजूदा मनिरुल इस्लाम, जबकि एक पूर्व विधायक गदाधर हाजरा शामिल हैं। इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार (28 मई) को तृणमूल के दो नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया था, जबकि सीपीआई का एक विधायक और 50 से अधिक कांउसलर्स भगवा पार्टी में शामिल हो गए थे।
इससे पहले, पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने एनडीए के संसदीय दल के नेता नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में जाने को लेकर पलटी मार ली है। उन्होंने बुधवार को कहा है कि वह समारोह में शामिल नहीं होएंगी, जबकि एक दिन पहले मंगलवार को उन्होंने वहां जाने के लिए हामी भर दी थी। दीदी ने ताजा घटनाक्रम को लेकर एक संदेश भी ट्वीट के जरिए शेयर किया है। उन्होंने इसमें कहा, "शपथ समारोह लोकतंत्र को मनाने का जश्न होता है, न कि किसी राजनीतिक दल का।"
तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी के कुछ विधायकों के भाजपा में शामिल होने को तवज्जो नहीं देते हुए बुधवार को कहा कि यदि कुछ ‘‘अवसरवादी’’ विधायक अपनी निष्ठा छोड़ते है तो इससे ‘‘कोई फर्क नहीं पड़ता।’’ तृणमूल कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि भगवा पार्टी में शामिल होने वालों में से कुछ को ऐसा करने की धमकी दी गई थी।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तापस रॉय ने कहा, ‘‘यदि एक या दो अवसरवादी विधायक भाजपा में शामिल हो जाते है तो इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। कुछ अवसरवादी हैं और इनमें से कुछ को ऐसा करने के लिए धमकाया गया था।’’ लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस विधायकों एवं नेताओं का पाला बदलने का सिलसिला जारी है। बुधवार को तृणमूल विधायक मोनीरूल इस्लाम भाजपा में शामिल हो गए।
मध्य प्रदेश के भाजपा नेता जीएस डामोर ने बुधवार को कहा कि पार्टी आलाकमान के आदेश के मुताबिक उनके द्वारा एक-दो दिन के भीतर फैसला किया जा सकता है कि वह रतलाम सीट के सांसद का ओहदा छोड़ेंगे या झाबुआ क्षेत्र के विधायक पद से इस्तीफा देंगे। लोकसभा चुनावों की हालिया जीत के बाद डामोर के पास फिलहाल दोनों ओहदे हैं और नियमानुसार उन्हें इनमें से एक पद छोड़ना होगा।
भाजपा नेता के आगामी फैसले पर सियासी पार्टियों की बारीक निगाहें टिकी हैं क्योंकि इस कदम से राज्य विधानसभा में दलीय स्थिति बदल सकती है। सूबे में सत्तारूढ़ कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के बीच सीटों के अंकगणित को लेकर सदन में बेहद नजदीकी फासला है।
लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बाद अब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय दल का दर्जा गंवाने की संभावना है। बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मिले भारी पराजय के बाद भाकपा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) राष्ट्रीय दल का अपना दर्जा गंवाने की स्थिति का सामना कर रही थी। हालांकि, चुनाव आयोग द्वारा अपने नियमों में संशोधन करने पर इन पार्टियों को 2016 में राहत मिल गई थी, जब उसने यह प्रावधान किया कि वह राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय पार्टी के दर्जे की समीक्षा पांच साल के बजाय हर 10 साल पर करेगा।
भाकपा महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने कहा, ‘‘चुनाव आयोग के मौजूदा मानदंड के मुताबिक हम राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खोने के खतरे का सामना कर रहे हैं। राष्ट्रीय पार्टी के हमारे दर्जे के बारे में वे फैसला करेंगे। मुझे आशा है कि चुनाव आयोग सकारात्मक कदम उठाएगा।’’
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले पर पुर्निवचार करने को राजी नहीं हो रहे हैं। हालांकि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) की अध्यक्ष शीला दीक्षित और पार्टी के कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनसे अपने फैसला बदलकर पार्टी का नेतृत्व जारी रखने का आग्रह किया है। डीपीसीसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गांधी के आवास पर प्रदर्शन किया और राहुल गांधी के पक्ष में नारेबाजी की।
शीला इस दौरान गांधी के आवास के भीतर भी गईं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि उनकी मुलाकात राहुल गांधी से नहीं हो सकी क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष इन दिनों नेताओं से मुलाकात नहीं कर रहे हैं। शीला के करीबी एक विश्वस्थ सूत्र ने बताया कि शीला ने गांधी के सहयोगी के. राजू से मुलाकात की और उनके माध्यम से कांग्रेस अध्यक्ष तक यह संदेश पहुंचाया कि उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए और अगर वह पद छोड़ते हैं तो पार्टी कार्यकर्ताओं को बहुत तकलीफ होगी।
महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व विधायक और आदिवासी कल्याण संबंधी एक समिति के प्रमुख विवेक पंडित को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। सरकार ने आदिवासियों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के लिए फरवरी में एक समिति का गठन किया था।
पालघर जिले में वसई के पूर्व विधायक और आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता पंडित को 17 सदस्यीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सरकार ने मंगलवार को पंडित को राज्य मंत्री का दर्जा दिए जाने का आदेश जारी किया।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि कांग्रेस की तरफ से उन्हें मिलने के लिए बुलाया गया है। वह कांग्रेस चीफ राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के संपर्क में है। बुधवार को बिहार की राजधानी पटना में उन्होंने पत्रकारों से कहा, "कांग्रेस ने हमें दिल्ली में मिलने के लिए बुलाया है, जहां चुनाव के नतीजों पर चर्चा होगी। हम राहुल, प्रियंका, अहमद पटेल और कांग्रेस के बाकी नेताओं के संपर्क में हैं। हम बैठक में हिस्सा लेंगे।"
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने कांग्रेस चीफ राहुल गांधी से बुधवार को भेंट के बाद कहा, "मैंने उनसे कहा कि वह इस्तीफा न दें। हम चाहते हैं कि वह अपने पद पर बने रहें, अन्य इससे हम सभी को पीड़ा होगी। हमने यह बात उन तक पहुंचा दी है।"
केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार 30 मई को आयोजित होगा। वहीं, बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक ने बुधवार को राज्य के नए सीएम के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही नवीन पटनायक लगातार पांचवी बार ओडिशा के सीएम बने हैं। राज्यपाल गणेशी लाल ने नवीन पटनायक और उनकी कैबिनेट के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नवीन पटनायक की बहन और मशहूर लेखिका गीता मेहता भी मौजूद रहीं।
राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस विधायक एवं कोटा लोकसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी रहे रामनारायण मीणा ने कहा है कि राज्य में स्थिर सरकार सुनिश्चित करने के लिए पार्टी के आंतरिक संकट को मिलजुलकर सुलझाया जाना चाहिए। बता दें कि राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस की हार हुई है और चुनाव परिणाम के बाद से पार्टी में घमासान जारी है। मीणा ने आशंका जताते हुए कहा कि भाजपा का उच्च नेतृत्व कांग्रेस में चल रहे आंतरिक संकट का फायदा उठा सकता है और अशोक गहलोत सरकार को अस्थिर करने में केन्द्र संवैधानिक प्रावधानों का दुरुपयोग कर सकता है।
बुधवार को पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक से पूर्व मीणा ने पीटीआई—भाषा से बातचीत में कहा, ''''मुझे इस बात का भय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संविधान की धारा 356 :राष्ट्रपति शासन: का दुरुपयोग कर अशोक गहलोत सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर सकते हैं, इसलिये हमारे नेताओं को आतंरिक संकट का एक परिवार की तरह मिलजुलकर हल करना चाहिए।’’
दिल्ली सरकार के सेवा विभाग ने सभी सीधी र्भितयों में आर्थिक रूप से कमजोर तबके (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 फीसदी आरक्षण का निर्देश जारी किया है। यह इस साल एक फरवरी से प्रभावी होगा। लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ईडीब्ल्यूएस को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दी थी। यह अगड़ी जातियों की एक मुख्य मांग थी।
सेवा विभाग के एक परिपत्र में दिल्ली सरकार के सभी विभागों और अन्य इकाइयों को कोटा के प्रावधान का पालन करने को कहा गया है। सक्षम प्राधिकार (उपराज्यपाल) की ओर से उप सचिव (सेवाएं) बीजू राज द्वारा यह परिपत्र 28 मई को जारी किया गया। परिपत्र में कहा गया है कि इसका अनुपालन सभी विभागों, निगमों, बोर्डों, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों और दिल्ली सरकार की स्वायत्त इकाइयों को करना है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा था कि वह नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगी, जबकि आज यानी कि बुधवार को उन्होंने अपनी कही बात पर पलटी मार ली है। उन्होंने एक पत्र लिखकर इस बारे में बताया है कि उन्होंने अचानक से अपना फैसला क्यों बदला। दीदी ने यह पत्र कुछ देर पहले ट्वीट किया है। देखें, उन्होंने कहा लिखाः
भाजपा के वरिष्ठ नेता पेमा खांडू ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की। राज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बी डी मिश्रा ने यहां दोरजी खांडू कन्वेंशन सेंटर में पेमा खांडू को पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराई। उनके अलावा चोवना मेन समेत मंत्रिमंडल के 11 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण समारोह में असम, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। खांडू के नेतृत्व में भाजपा ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 41 सीटों पर जीत दर्ज की है।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ मुलाकात की। नीतीश कुमार आज जदयू के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक विधानसभा चुनावों के मद्देनजर हो सकती है।
बीजद 2000 से ओडिशा में सत्ता में है। पहली बार नवीन पटनायक ने एक खुले सार्वजनिक मैदान में शपथ ली। वर्ष 2000, 2004, 2009 और 2014 में उन्होंने राजभवन में शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह में नवीन पटनायक के बड़े भाई एवं उद्योगपति प्रेम पटनायक, बहन एवं जानी मानी लेखिका गीता मेहता एवं उद्योग जगत से लेकर विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियां मौजूद थीं। बीजद के समर्थकों एवं जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी समारोह में हिस्सा लिया।
लोकसभा के लिए चुने गए नेताओं ने राज्यसभा से इस्तीफा दिया
लोकसभा चुनाव के बाद राजनैतिक पार्टियों की नजरें विधानसभा चुनावों पर टिक गई हैं। खासकर बिहार में जहां अगले साल ही विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद राजद ने अभी से ही विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरु कर दी है। राजद ने पार्टी विधायकों और एमएलसी की आज एक बैठक बुलायी है। यह बैठक राबड़ी देवी के आवास पर बुलायी गई है, जिसकी अध्यक्षता तेजस्वी यादव करेंगे।
कर्नाटक में जारी राजनैतिक उठा-पटक के बीच बुधवार को जनता दल (सेक्यूलर) और कांग्रेस के नेताओं के बीच अहम बैठक हुई। इस बैठक में कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी, डिप्टी सीएम जी. परमेश्वरा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव, मंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और पूर्व सीएम सिद्दारमैया शामिल हुए।
सीएम नवीन पटनायक के साथ ही बीजद नेताओं रानेंद्र प्रताप स्वैन और अरुण कुमार साहू ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक ने बुधवार को राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित हुए कार्यक्रम में राज्य के सीएम की शपथ ली। इसके साथ ही नवीन पटनायक लगातार पांचवी बार ओडिशा के सीएम चुने गए। बता दें कि बीजू जनता दल ने हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज करते हुए एक बार फिर सत्ता में वापसी की है।