दिल्ली एमसीडी नियुक्ति रद्द होने के बाद से चयनित हुए अभ्यर्थियों के सारे सपने एक झटके में टूट गए। चयनित अभ्यर्थियों में कई ऐसे लोग है जिन्होंने ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर अध्यापक के नौकरी के लिए अप्लाई किया था। एनबीटी के एक रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के जींद निवासी सुमित बचपन से अध्यापक बनाना चाहते थे। इसी सपने को पूरा करने के लिए साल 2017 में जब दिल्ली में चार हजार से अधिक टीचरों की भर्ती निकली तो उन्होंने इसका फार्म भर दिया।
नगर निगम की नौकरी छोड़ अध्यापक बनना चाहते थे: लिखित परीक्षा में उनका चयन भी हो गया, लेकिन इसी प्रक्रिया के बीच में गुड़गांव नगर निगम में सुमित का चयन हो गया और उन्होंने इसे ज्वॉइन भी कर लिया। कुछ दिनों तक स्थायी नौकरी करने के बाद उन्हें एमसीडी अध्यापक की जॉइनिंग लेटर मिला, तो उन्होंने गुड़गांव नगर निगम की नौकरी छोड़ दी। फिर अचानक अखबारों में खबर पढ़कर उनके पैरो तले जमीन खिसक गई। सुमित ने बताया कि उन्हें मदनपुर खादर स्थित प्राइमरी स्कूल में मंगलवार को जॉइन करना था। ऐसे सैकड़ो कैंडिडेट्स हैं, जो दूसरी सरकारी एजेंसियों में पहले कार्यरत थे और स्थायी नौकरी छोड़कर अध्यापक बनने आये थे।
National Hindi News, 16 October 2019 LIVE Updates
एमसीडी के अध्यापक के लिए छोड़ दी सरकारी नौकरी: दिल्ली के उत्तम नगर निवासी अंकुर ने बताया कि एमसीडी स्कूलों में बतौर अध्यापक चयन होने के बाद वह पंजाब स्थित केंद्रीयविद्यालय में टीचर थे। पिछले दो सालों से वहां पढ़ा रहे थे। लेकिन अपने शहर में नौकरी करने इच्छा से वह एमसीडी अध्यापक भर्ती परीक्षा दिया था। जब फरवरी में इसका रिजल्ट आया तो वह परीक्षा पास हो गए। जॉइनिग लेटर हाथ में आने के बाद उन्होंने केद्रीय विद्यालय से इस्तीफा दे दिया।
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कई लोग दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़ दी: जब उन्हें सोमवार देर रात पता चला कि एमसीडी ने नियुक्ति पत्र ही रद्द कर दिया है। अब न तो वह उनके पास पहले वाली नौकरी रही और न ही अब यह नौकरी असानी से मिलने वाली है। कुछ लोगों ने बताया कि कई लोग दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़कर अध्यापक बनने आए थे।

