Kanpur Encounter: विकास दुबे पर शिकंजा कसने के साथ ही साथ उसके करीबियों पर पुलिस का प्रहार जारी है। हमीरपुर में विकास का राइट हैंड कहा जाने वाला अमर दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। इस एनकाउंटर में 2 पुलिसकर्मियों के भी जख्मी होने की खबर है। उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने इस मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बताया कि अमर दुबे को मोढाना पुलिस स्टेशन इलाके के अंतर्गत ढेर किया गया है।
यूपी का इस समय का मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे हरियाणा के फरीदाबाद में नेशनल हाईवे के पास एक होटल में रुका हुआ था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा रहा है। उसके साथ दो और साथी ठहरे थे। विकास फरीदाबाद में रहने वाले अपने एक परिचित की मदद से दिल्ली की कोर्ट में समर्पण करने की तैयारी में था। एसटीएफ और हरियाणा पुलिस को मंगलवार शाम इस बारे में भनक लगी लेकिन इन टीमों के पहुंचने से पहले एक बार फिर विकास दुबे का नेटवर्क भारी पड़ गया और वह वहां से फरार हो गया। दिल्ली, हरियाणा और यूपी सीमा पर नाकेबंदी कर दी गई थी।
इधर मुठभेड़ में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद बिकरू गांव में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है। मोस्टवांटेड विकास दुबे के फरार होने से पहले घटना में प्रयुक्त असलहे कुएं में फेंके जाने के शक में बुधवार की सुबह से पुलिस ने सबमर्सिबल से पानी निकालने का काम शुरू कर दिया है। यह कुआं विकास दुबे के घर के पास ही है, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है।

Highlights
एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि इस साल डकैती के केस में करीब 38 फीसदी की कमी आई है। लूट में 44.17 फीसदी की कमी आई है। हत्या के मामलों में करीब 8 फीसदी की कमी आई है। फिरौती-अपहरण में 41 फीसदी की कमी आई है। दहेज हत्या में 6.34 फीसदी की कमी आई है।
कानपुर एनकाउंटर में यूपी एसटीएफ की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में बुधवार को मुखबिरी के आरोप में पूर्व चौबेपुर एसओ विनय तिवारी को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। बता दें विनय तिवारी की भूमिका को संदिग्ध पाते हुए घटना के फौरन बाद आइजी रेंज मोहित अग्रवाल ने सस्पेंड कर दिया था।
उत्तरप्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले के मोस्ट वांटेड विकास दुबे की तलाश में यूपी पुलिस शहडोल पहुंची। एसटीएफ टीम ने शहडोल जिले के बुढ़ार में रहने वाले विकास के साले राजू निगम के यहां सोमवार की रात दबिश दी। यहां वो तो नहीं मिला लेकिन टीम राजू निगम के पुत्र 20 वर्षीय आदर्श उर्फ महेंद्र निगम हो अपने साथ ले गई है। राजू ने बताया 15 साल पहले वह उसका साथ छोड़कर बुढ़ार आ गया था। विकास से उसका तब से किसी प्रकार का संपर्क नहीं है।
बुधवार सुबह विकास दुबे के गांव बिकरू पहुंची एसटीएफ की एक टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरु किया है। इसके तहत विकास के घर के बाहर बने एक कुएं को पुलिस खाली करा रही है। बताया जा रहा है कि इस कुएं में असलहे छिपे होने की आशंका के चलते इसे खाली कराया जा रहा है।
कानपुर एनकाउंटर में यूपी एसटीएफ की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में बुधवार को मुखबिरी के आरोप में पूर्व चौबेपुर एसओ विनय तिवारी को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। बता दें विनय तिवारी की भूमिका को संदिग्ध पाते हुए घटना के फौरन बाद आइजी रेंज मोहित अग्रवाल ने सस्पेंड कर दिया था।
कानपुर एनकाउंटर में यूपी एसटीएफ की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में बुधवार को मुखबिरी के आरोप में पूर्व चौबेपुर एसओ विनय तिवारी को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। बता दें विनय तिवारी की भूमिका को संदिग्ध पाते हुए घटना के फौरन बाद आइजी रेंज मोहित अग्रवाल ने सस्पेंड कर दिया था।
होटल के रजिस्टर से पता चला कि विकास और उसके दो साथियों के लिए एक कमरा फरीदाबाद की भारत कालोनी में रहने वाले एक परिचित ने बुक कराया था। उसने ही ऑन लाइन बुकिंग करा कर अपने क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया था। कुछ रुपये उसने नगद भी दिये थे। पुलिस इस मददगार की तलाश कर रही है। वहीं रजिस्टर में दीपक दुबे का गलत नाम व पता नोट कराया गया था। परिचय पत्र भी फर्जी लगा हुआ था। फरीदाबाद कार्यालय के मुताबिक फरीदाबाद पुलिस ने रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिया है।
अमर ने 10 बदमाशों के साथ बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र की हत्या की थी। अमर और उसके साथी मिश्र को घसीटकर विकास दुबे के मामा प्रेम कुमार पांडे के घर में ले गए और गोलियों से भून दिया। धारदार हथियार से भी वार किए थे। प्रेम कुमार पांडे एनकाउंटर में पहले ही मारा जा चुका है।
फरीदाबाद में मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने 3 को गिरफ्तार किया है, इनके पास से 9MM की दो सरकारी पिस्टल, 2 अन्य पिस्टल और 44 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। जो भी कार्रवाई होगी वो विधिक होगी और ऐसी होगी कि कानपुर की घटना में जो भी लोग शामिल हैं उन्हें हमेशा पछतावा होगा अमर दुबे के पास से एक अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद हुआ है। इसकी विकास दुबे के साथ सोशल मीडिया पर बहुत सारी तस्वीरें हैं।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे पुलिस की गिरफ्त से बच निकला। दुबे फरीदाबाद के एक होटल में ठहरा था, लेकिन जब तक पुलिस दबिश देती, वह फरार हो गया। फरीदाबाद में विकास दुबे को शरण देने के आरोप में प्रभात मिश्रा और अंकुर को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी विकास दुबे के नजदीकी हैं। हरियाणा पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।
विकास की पत्नी रिचा भी मुठभेड़ के बाद रात करीब दो बजे लखनऊ स्थित आवास से निकली थी। उसकी आखिरी लोकेशन चंदौली में मिली। एसटीएफ को आशंका है, अपने बेटे समेत तीनों पूर्वांचल में हो सकते हैं या नेपाल भाग गए होंगे।
हमीरपुर के एसपी श्लोक कुमार का कहना है कि अमर दुबे की छिपे होने की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की थी। इस दौरान अमर ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी एनकाउंटर में वह मार गिराया गया। उसके पास से एक ऑटोमेटिक हथियार और बैग मिला है। इस एनकाउंटर में एसओ और एसटीएफ के एक कॉन्स्टेबल को गोली लगी है।
मंगलवार को विकास फरीदाबाद के एक होटल में देखा गया, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि विकास फरीदाबाद के सेक्टर-87 में अपने रिश्तेदार के घर रुका था। उसने अपने दो साथियों को होटल में रुकवाया था। उनसे मिलने विकास होटल गया था। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही विकास फरार हो गया। दोनों साथियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि विकास दुबे भी इस होटल में ठहरा था। पुलिस अभी गहन पड़ताल कर रही है।
फरार कुख्यात विकास दुबे पर इनाम की राशि बढ़ा दी गई है। अब विकास दुबे पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। विकास दुबे के हरियाणा के फरीदाबाद में होने की आशंका के बीच पुलिस ने दिल्ली और हरियाणा में उसकी तलाश तेज कर दी है। पुलिस लगाकर उसके गुर्गों पर भी कार्रवाई कर रही है।
विकास दुबे के रिश्तेदार प्रभात समेत तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनके पास से चार असलहे बरामद हुए हैं, जिनमें दो सरकारी असलहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों सरकारी असलहों को 2 जुलाई की रात पुलिस से छीना गया था। पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज भी मिला है, जिसमें नीली शर्ट में एक शख्स दिखाई दे रहा है। फरीदाबाद में पुलिस ने विकास दुबे के रिश्तेदार के घर से यह असलहे बरामद किये हैं।
एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि अमर के हमीरपुर में होने की सूचना पर एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची। अमर को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग कर दी। फायरिंग में एसआई मनोज शुक्ला और एसटीएफ का एक सिपाही घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अमर मारा गया। हमीरपुर के एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि अमर की ऑटोमैटिक गन और एक बैग बरामद कर लिए हैं। फोरेंसिक टीम जांच कर रही है।
यूपी पुलिस पूरी तरह से एक्शन में है। पहले विकास के खासमखास अमर दुबे को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया और अब उसके एक और साथी श्यामू वाजपेयी को पुलिस ने पकड़ा है। श्यामू पर 25,000 रुपए का इनाम था और चौबेपुर पुलिस ने उसे एक एनकाउंटर में पक़ड़ा है।
मुठभेड़ में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद बिकरू गांव में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है। मोस्टवांटेड विकास दुबे के फरार होने से पहले घटना में प्रयुक्त असलहे कुएं में फेंके जाने के शक में बुधवार की सुबह से पुलिस ने सबमर्सिबल से पानी निकालने का काम शुरू कर दिया है। यह कुआं विकास दुबे के घर के पास ही है, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है।
विकास दुबे पर शिकंजा कसने के साथ ही साथ उसके करीबियों पर पुलिस का प्रहार जारी है। हमीरपुर में विकास का राइट हैंड कहा जाने वाला अमर दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। इस एनकाउंटर में 2 पुलिसकर्मियों के भी जख्मी होने की खबर है। उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने इस मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बताया कि अमर दुबे को मोढाना पुलिस स्टेशन इलाके के अंतर्गत ढेर किया गया है।
यूपी का इस समय का मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे हरियाणा के फरीदाबाद में नेशनल हाईवे के पास एक होटल में रुका हुआ था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा रहा है। उसके साथ दो और साथी ठहरे थे। विकास फरीदाबाद में रहने वाले अपने एक परिचित की मदद से दिल्ली की कोर्ट में समर्पण करने की तैयारी में था। एसटीएफ और हरियाणा पुलिस को मंगलवार शाम इस बारे में भनक लगी लेकिन इन टीमों के पहुंचने से पहले एक बार फिर विकास दुबे का नेटवर्क भारी पड़ गया और वह वहां से फरार हो गया। दिल्ली, हरियाणा और यूपी सीमा पर नाकेबंदी कर दी गई थी।
बड़ी खबर आ रही है कि विकास दुबे को हरियाणा में फरीदाबाद के बड़खल चौक पर स्थित श्री सासाराम होटल में देखा गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि होटल के सीसीटीवी कैमरे में वो नजर आया है। होटल के मालिक के मुताबिक ये आदमी साढ़े बारह बजे श्री सासाराम गेस्ट हाउस में अपने एक साथी के साथ आया था। उसने अपना नाम अंकुर बताया था। अंकुर ने थोड़ी देर के लिए रूम लेने की बात की थी लेकिन पहचान पत्र मांगने पर उसने अपना पेन कार्ड दिया था जो साफ नहीं था। कोई और पहचान पत्र दिखाने को जब बोला गया तो वो अपने साथी के साथ वापस चला गया।
कानपुर शूटआउट के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे के एक प्रमुख गुर्गे को पुलिस ने पश्चिमी यूपी के हमीरपुर में मार गिराया है। विकास दुबे के खास कहे जाने वाले अमर दुबे से एसटीएफ की बुधवार सुबह एक मुठभेड़ हुई थी। इस ऑपरेशन में अमर को मार गिराया गया। पुलिस के मुताबिक, अमर दुबे विकास दुबे के साथ कानपुर के बिकरू गांव में हुए शूटआउट में शामिल था
उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम विकास दुबे को पकड़ने के लिए उसके हर साथी और रिश्तेदार पर नजर जमाए हुए है। मध्य प्रदेश में रहने वाले विकास दुबे के साले राजीव निगम को पकड़ने के लिए मंगलवार को ही यूपी एसटीएफ की एक टीम मध्य प्रदेश के शहडोल पहुंच गई। यहां से पुलिस राजीव के बेटे को पूछताछ के लिए साथ ले गई। बताया गया है कि इसके बाद राजीव और उनकी पत्नी ने खुद आगे आकर एमपी पुलिस से सहयोग की बात कही है।
उत्तर प्रदेश में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या की साजिश रचने वाले विकास दुबे की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस को उसके फरीदाबाद में छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद एक होटल में छापेमारी की गई। बताया गया है कि विकास वहां से दो घंटे पहले ही फरार हो गया था। हालांकि, उसके दो साथियों को होटल से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
उत्तर प्रदेश में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या की साजिश रचने वाले विकास दुबे की तलाश तेज कर दी गई है।
गैंगस्टर विकास दुबे की खोज में जुटी एसटीएफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टास्क फोर्स ने विकास के करीबी साथी अमर दुबे का कानपुर से 150 किमी दूर हमीरपुर में एनकाउंटर कर दिया। बताया गया है कि एसटीएफ ने उसे घेर कर गिरफ्तार करने की चेतावनी दी थी। यह सुनते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अमर दुबे की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर...
दिल्ली के बदरपुर के एक होटल में विकास और उसके साथियों के छुपे होने की सूचना के बाद पुलिस ने छापा मारा। होटल के रिसेप्शन और बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए गए। इनमें विकास दुबे जैसा दिखने वाले एक व्यक्ति की फोटो भी सामने आई है। यहां से तीन लोगों को पकड़ा गया है, जिन्होंने यह कबूला है कि विकास उनके साथ था, लेकिन पुलिस ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है।
कानपुर के बिकरु गांव में आठ पुलिसर्किमयों की हत्या के बाद सवालों के घेरे में आए चौबेपुर थाने में तैनात सभी 68 पुलिसर्किमयों को मंगलवार रात लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके अलावा कुछ समय पहले कानपुर के एसएसपी रहे एक पुलिस उपमहानिरीक्षक को भी स्थानांतरित कर दिया गया है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि चौबेपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने का यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि बिकरू कांड के बाद उनकी कर्तव्यनिष्ठा संदेह के घेरे में आ गई थी।
गैंगस्टर विकास दुबे को बचाने में चौबेपुर थाने के निरीक्षक विनय तिवारी तथा अन्य पुलिसर्किमयों की संलिप्तता के आरोप लगने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए थे। शुरुआती जांच में यह पाया गया कि थाने में तैनात कई पुलिस उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की हिमायत कर रहे थे। पुलिस ने आठ पुलिसर्किमयों की हत्या के मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। दुबे की रिश्तेदार क्षमा, पड़ोसी सुरेश वर्मा और घरेलू सहायिका रेखा को गिरफ्तार किया गया। रेखा का पति दयाशंकर अग्निहोत्री पहले ही सलाखों के पीछे है।
एसटीएफ के डीआईजी अनंत देव ने कहा था कि बिकरु कांड में मारे गए बिल्हौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा द्वारा कथित रूप से 14 मार्च को लिखे गए पत्र में किए गए हस्ताक्षर उनके दस्तखत से मेल नहीं खाते। साथ ही उसमें ना कोई तारीख है और ना ही कोई सीरियल नंबर। गौरतलब है कि दो-तीन जुलाई की दरमियानी रात को गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बिकरू गांव में दुबे के गुर्गों ने घात लगाकर हमला किया था जिसमें बिल्हौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे।
राज्य सरकार ने गैंगस्टर विकास दुबे से संबंधों के आरोपों का सामना कर रहे एसटीएफ के उपमहानिरीक्षक एवं कानपुर के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव को मंगलवार रात स्थानांतरित कर दिया। राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक उनको पीएसी मुरादाबाद स्थानांतरित कर दिया गया है। वह उस वक्त कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक थे, जब बिल्हौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा ने उन्हें चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी और गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी संबंध का आरोप लगाते हुए एक कथित पत्र लिखा था।
हालांकि पुलिस ने कहा था कि इस पत्र का कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं है।
गैंगस्टर विकास दुबे को बचाने में चौबेपुर थाने के निरीक्षक विनय तिवारी तथा अन्य पुलिसर्किमयों की संलिप्तता के आरोप लगने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए थे। शुरुआती जांच में यह पाया गया कि थाने में तैनात कई पुलिस उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की हिमायत कर रहे थे।
जांच में जुटी स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की पूछताछ में मंगलवार को बड़ा खुलासा हुआ। सूत्रों की मानें तो विकास दुबे ने मुठभेड़ वाली रात यानी दो जलाई को बिकरु गांव के बीट दरोगा केके शर्मा को शाम 4 बजे के आसपास फोन किया था। उसने धमकी दी थी कि थानेदार विनय तिवारी को समझा लो, अगर बात बढ़ी तो बिकरु से कई लाशें उठेंगी। मुठभेड़ से कुछ घंटे पहले विकास की सिपाही राजीव चौधरी की भी बातचीत हुई थी। इसके भी रिकॉर्ड मिले हैं। विनय तिवारी, केके शर्मा और राजीव सिंह तीनों सस्पेंड हैं।
विकास दुबे 8 पुलिसवालों की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश का तीसरा मोस्टवांटेड अपराधी बन गया है। वह अब तक लूट, हत्या, रासुका जैसी संगीन धाराओं में 60 मुकदमे दर्ज होने के बाद भी टॉप-10 अपराधियों में शामिल नहीं था। अब उस पर 2.5 लाख रुपए का इनाम है। उत्तर प्रदेश में उसके अलावा सिर्फ दो ऐसे अपराधी हैं जिन पर ढाई-ढाई लाख के इनाम हैं। एक मेरठ का मोस्टवांटेड बदन सिंह बद्दो और दूसरा पश्चिमी यूपी का कुख्यात अपराधी आशुतोष है।
मुख्तार अंसारी गैंग पर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मऊ सदर से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के शॉर्प शूटर बृजेश सोनकर के घर की कुर्की की है। बृजेश सोनकर की यह संपत्ति करीब 60 लाख रुपए की है। पुलिस ने बृजेश सोनकर के सिर पर 50000 का इनाम घोषित कर रखा है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों पर सख्ती के निर्देश के बाद सूबे के कई जिलों में पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू हो गया है। पुलिस ने पिछले कुछ दिनों में 88 अपराधियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की है। उसने गैंगस्टर कानून से जुड़े विवादों में 26 करोड़ रुपए की संपत्ति भी जब्त की है। सीएम योगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में पुलिस अधिकारियों को खुली छूट दी है।
कानपुर पुलिस ने गैंगस्टर विकास दुबे की बहू, पड़ोसी और नौकरानी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि एनकाउंटर वाली रात इन लोगों ने भी विकास दुबे का साथ दिया था। तीनों की पहचान क्रमशः शमा, सुरेश वर्मा और रेखा के रूप में की गई है। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान ये तीनों विकास दुबे को पुलिसकर्मियों की लोकेशन के बारे में सारी जानकारी दे रहे थे। पुलिस ने बताया कि यहां तक कि गोलीबारी के दौरान विकास दुबे की बहू शमा ने अपने घर का दरवाजा तक नहीं खोला जब एक पुलिसवाला जान बचाने के लिए ठिकाना मांग रहा था।
बिकरु गांव में हत्याकांड के बाद से हालात सामान्य नहीं हुए हैं। गांव की गलियां सूनी हैं। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। गांव के चप्पे-चप्पे पर 150 पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर के रास्ते में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है। इस सड़क पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ हो रही है। गांव की एक बुजुर्ग महिला ने सिर्फ इतना बताया कि करीब 20 घरों के मर्द डर के मारे फरार हैं। घर में केवल औरतें हैं।
पुलिस टीम ने मंगलवार को उसके घर के मलबे की जांच की। इसके बाद उसके हाथ कुछ सबूत लगे। मलबे से कई फर्जी आईडी और बम मिले हैं। विकास दुबे फर्जी आईडी का इस्तेमाल जमीनों की खरीद-फरोख्त में करता था। उसने घर में ही वायरलेस कंट्रोल रूम बना रखा था, जिसके जरिए वह अपने गुर्गों से संपर्क करता था। विकास ने अपने गुर्गों, नौकरों और रिश्तेदारों के नाम से कई चल और अचल संपत्तियां खरीद रखी हैं। पुलिस की जांच के दायरे में अब बैंक और फाइनेंस कंपनियां भी आ रही हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को झांसी में कानपुर मुठभेड़ में शहीद होने वाले कांस्टेबल सुल्तान सिंह के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की। मृतक कांस्टेबल की पत्नी ने कहा, हम जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए।