संवाद: परंपरा का अतिवाद

मनुष्य अपने स्वभाव की मनोभूमि पर परंपरा को अपनाता और त्यागता या उसमें समय और स्थिति के अनुसार परिवर्तन परिवर्द्धन…

शिक्षाः कमजोरी कहां

भारत में शिक्षा की दुर्दशा देख कर यह अवश्य लगता है कि अवतारी महापुरुषों और महान गं्रथों के देश की…

शिक्षा नीति बनाम राजनीति

शिक्षा जिस दिन मुक्त विचारों का मानवीय संस्कार बनेगी उस दिन सरकार या राजनीति से नीति पैदा न होकर मनुष्यता…

गांधी का नवाचार

अनुशासन को गांधी चरित्र निर्माण की पहली सीढ़ी मानते थे। चरित्रवान नागरिक स्वावलंबी और स्वाभिमानी होता है। देश में वे…

गिरती गुणवत्ता के पीछे

अरस्तू जैसे दार्शनिक ने सदियों पहले कह दिया था कि समृद्धि और संपन्नता के समय में शिक्षा अलंकार बन जाती…

प्रसंगवशः द्रोह या विद्रोह

अगर इतिहास के सत्य को बचाना है तो हमें युद्धों, व्यक्तियों, घटनाओं से हट कर संगीत, नृत्य, ललित कलाएं, साहित्य,…

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प्रसंगवश: उपनिवेश-दर-उपनिवेश

शिक्षा हो या साहित्य, सभी क्षेत्रों में लोकतंत्र की उस संस्कृति का अभाव है, जो हमारे संवेदनतंत्र को जाति, धर्म,…

शिक्षा का बाजारवाद

शिक्षा को जब हम अपने अतीत से जोड़ते हैं तो संस्कार की ध्वनि सुनाई देती है, लेकिन जब अपने वर्तमान…

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