Dunia Mere Aage | Amrita Pritam | Imroz |
दुनिया मेरे आगे: रिश्तों का अनूठा पुल, ‘मैं तुम्हें फिर मिलूंगी, उसने जिस्म छोड़ा है, साथ नहीं’

इमरोज के साथ अपने संबंधों के बारे में स्वयं अमृता ने भी ‘रसीदी टिकट’ में बहुत कुछ बयान किया था-…

Literature
एक कहावत की आत्मकथा

भाषा और संस्कृति के साझे को समझना खासा दिलचस्प है। यह दिलचस्पी तब और बढ़ जाती है। जब हम भाषाई…

इतिहासः बंटवारे की लकीर

वे हादसों के दिन थे। कमोबेश हर घटना हादसों की मानिंद घट रही थी। चारों तरफ विसंगतियां, विरोधाभास भरे पड़े…

अमन का अलख जगाता कवि

लाहौर के पंजाबी शायर उस्ताद दामन ने, आम आदमी के बीच जो जगह बनाई थी, उसकी कोई दूसरी मिसाल नहीं…

रूमानियत और बगावत का शायर

फैज़ अहमद फ़ैज़ संभवत: भारतीय उपमहाद्वीप के ऐसे दूसरे शायर थे, जिनका नाम नोबेल पुरस्कार के लिए नामित हुआ था।…

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