
संजय स्वतंत्र की कविता


किताब में लिखा है, 'जैसे-तैसे संजय पिता के ऑफिस पहुंचे। तब तक ड्रग्स अपना काम शुरू कर चुका था।'

न्यूजीलैंड के माना द्वीप पर कुछ समय पहले मृत पाई गई दुनिया की सबसे अकेली सी-बर्ड निजेल की स्मृति में…

पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार केदारनाथ सिंह का आज शाम दिल्ली के अखिल भारतीय…

राही साहब से जब पहली बार निर्देशक बी आर चोपड़ा ने महाभारत धारावाहिक के संवाद लिखने की पेशकश की थी…

क्या ही अच्छा हो कि रोबोट में अभी से मानवीय संवेदनाएं विकसित कर दी जाए, जो कि अभी इंसानों में…

Hindi Kavita: संजय स्वतंत्र की कविता

'लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती' कविता हर उस शख्स का ज़बानी गीत है जो कभी न कभी प्रतिद्वंदिता…

सृजन के वे चार दिन जब मेरी देह से अलग हो रहे होते हैं मेरी देह के टुकड़े..

पूर्व राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम ने स्वयं के अपने अनुभवों के आधार पर एक बार कहा था कि "मैं अच्छा…

हिंदी आलोचना में गांधी प्रभाव से किनाराकशी की शुरुआत आचार्य रामचंद्र शुक्ल से ही हो गई थी, जिन्हें हिंदी आलोचना…
