
भाषा और संस्कृति के साझे को समझना खासा दिलचस्प है। यह दिलचस्पी तब और बढ़ जाती है। जब हम भाषाई…

भाषा और संस्कृति के साझे को समझना खासा दिलचस्प है। यह दिलचस्पी तब और बढ़ जाती है। जब हम भाषाई…

नानक सिंह का साहित्य पंजाबी कौम की जिंदादिली का अक्षर दस्तावेज है। ‘इक म्यान और दो तलवारें’ उपन्यास के लिए…

दिलचस्प है कि जिस सांस्कृतिक धारा की पाल आगे चलकर कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर ने संभाली और जिन्होंने अपने कृतित्व से…

तुलसी ने लोकमंगल की दरकार को हमारी सांस्कृतिक परंपरा के साथ जोड़ा। तुलसी जब अपनी रामकथा को ‘मंगल-करनि कलि-मल हरनि’…

मध्यकालीन युग के महान कवि संत कबीर दास की जयंती प्रतिवर्ष ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन मनाई…



महापुरुषों की विराट राष्ट्रीय चेतना को संकीर्णता के दायरे में न समेटें, बता रहे हैं यूपी के संस्कृति विभाग के…

सृजन और संवेदना के बीच रचनात्मकता के कई बहुमूल्य प्रयोग करने वाले मास्ति का साहित्यिक नाम ‘श्रीनिवास’ है और इसी…

मुकेश भारद्वाज की नई किताब 'सत्ता का मोक्षद्वार : महाभारत' (वाणी प्रकाशन) की समीक्षा पढ़िए।


नीलाभ को एक संत की बात याद आ रही है। उन्हें किसी आयोजन में सुना था। वे कह रहे थे,…