आत्महत्या की प्रवृत्ति जितनी मनोवैज्ञानिक है, उतनी ही सामाजिक भी। आत्महत्या को समाज के प्रयासों से रोका जा सकता है।…
दूसरों को खुश रखने का प्रयास करने से बेहतर है कि हम खुद खुश रहें।
हमारी जिंदगी में कुछ परेशानियां तो अपने आप ही आ जाती हैं लेकिन कुछ परेशानियां हम स्वयं बुलाते हैं।
न्यायाधीश ने कहा कि न्यायिक आत्म-संयम का सिद्धांत उन मामलों में लागू नहीं होता है जिनमें नागरिक अधिकारों या मानवाधिकारों…
मानव सभ्यता के हजारों वर्षों के इतिहास में सबसे ज्यादा बदलाव बीते दो सौ सालों में ही आए हैं।
मुखौटे लगाकर हम लगातार स्वयं को तो धोखा देते ही हैं, दूसरों को भी धोखा देने की कोशिश करते हैं।
आज पूरी दुनिया में किशोर उम्र के बच्चे धीरे-धीरे इंटरनेट आधारित आनलाइन गेम और वीडियो गेम के जाल उलझ चुके…
अगर सच में कोई बदलाव चाहिए तो मर्जी को सच में उनकी ही मर्जी होने देना होगा।
भ्रष्टाचार जैसे लोगों की रग-रग में व्याप्त हो चुका है, जिसकी सफाई आसान नहीं लगती।
पिछले सात सालों से केंद्र सरकार हर क्षेत्र से भ्रष्टाचार खत्म करने की बात करती आ रही है, जो जमीनी…
भारतीय स्त्रियों का निजी गाड़ी पर सवार होना किसी सामाजिक क्रांति से कम नहीं।
हरियाणा के हिसार में एक पंचायत के फैसले के तहत सास-ससुर की सेवा करने वाली बहुओं को सम्मानित किया जाएगा।