हमारी चेतना का स्वभाव ही उत्सव का है। उत्सव के साथ रंग को जोड़ दिया जाए, तो वह पूर्ण हो…
हम अपने मूल्यों को अपने कार्यों की सूची में नहीं रख सकते हैं, लेकिन उन कार्यों को अपने कार्यों की…
पिछली एक शताब्दी में तस्करी, शिकार और पारिस्थिकी-तंत्र के असंतुलन की वजह से अनेक दुर्लभ पक्षी धरती से हमेशा के…
जीवन की पहली पाठशाला परिवार और समाज होते हैं। हम सभी मानव जीवन के उस बिंदु तक पहुंच जाएं, जब…
प्रेम को कई बार कमजोर की निशानी मान लिया जाता है। जबकि प्रेम सिर्फ साहस की निशानी है। किसी को…
दुनिया में जितने शब्द हैं, उन सभी का उद्देश्य यही है कि हम स्वयं को बेहतर ढंग से समझ सकें।…
सन 1981 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किए गए एक अनुसंधान के अनुसार हमारा मस्तिष्क दो हिस्सों में बंटा होता…
आज की तथाकथित आधुनिक जीवनशैली या यों कहे अस्त-व्यस्त जीवनशैली में हम वैसे तो बहुत कुछ बिसरा चले हैं, लेकिन…
उदाहरण और प्रतीक के सहारे विचार की पटरी पर चलते हुए हम अपनी दोनों आंखों का ध्यान एक ही तरह…
कुछ क्षणों का जीवन जीने वाले जीव हों या कई बार शतायु से भी ज्यादा जीवन जीने वाला मनुष्य, सब…
परिस्थितियां बदलने के बाद बहुत कम लोग सहज और गंभीर रह पाते हैं।
प्रकृति पर किसी का बस नहीं है और उसकी अनिश्चितता के बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा…