मौन का तात्पर्य महज चुप्पी नहीं होता, जैसा कि आमतौर पर लोग समझते हैं।
मन भी अद्भुत है। लाख भौतिक समृद्धि की तलाश में इधर-उधर भटकता रहे, भौतिक लक्ष्यों के आकार को बड़े से…
अध्यात्म की अनुभूति सभी प्राणियों में सामान रूप से निरंतर होती रहती है।
मानव मस्तिष्क की क्षमता एक सीमा तक है।
अगर किसी के पास सीखने वाला मन हो, तो उसकी निर्भरता किसी शिक्षक या संस्थान पर नहीं रह जाती। जीवन…
आजादी के बाद जैसे-जैसे कोयला खदानों की संख्या बढ़ती गई वैसे-वैसे मजदूरों की समस्याएं भी बढ़ती गईं।
कई बार हमारे सामने ऐसी स्थितियां आ जाती हैं कि हमें अपनी प्राथमिकताओं के बारे में फिर से सोचना पड़ता…
हम सबका जीवन इसी ताने-बाने से बुना हुआ है कि धैर्य के साथ अपनी राह चलें और यह मान लें…
मंजिल या लक्ष्य तक पहुंचने का अपना एक आनंद है लेकिन उस मंजिल तक पहुंचने के दौरान मिले अनुभव भी…
ऋगवेद में बताया गया है कि जल ही औषधि है, जल रोगों का शत्रु है, यही सभी रोगों का नाश…
सब कुछ सही होने के बाद भी यदि आपके अंदर आत्मविश्वास नहीं है तो आपको अपने लक्ष्यों तक कोई नहीं…