चीता ‘ओबन उर्फ पवन’ को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क (केएनपी) के एक बाड़े में डाल दिया गया है।
पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए विकास परियोजनाओं के विस्तार पर जोर बढ़ता गया है।
विपक्षी दल चीता पुनर्वास को लेकर सत्ता पक्ष के श्रेय लेने की कोशिशों को मिटाने में जुट गए।
कभी-कभी कुछ विडंबनाएं एक नई अनुकूल स्थिति का निर्माण कर देती हैं।
विंडहोक में भारतीय उच्चायोग ने बुधवार को ट्वीट किया कि बाघ की भूमि भारत में सद्भावना राजदूतों को ले जाने…
अंग्रेजों के भारत से जाने और रियासतों के एकीकरण के बाद भारतीय चीतों की संख्या कम होने के साथ-साथ इनसे…
दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से चीतों को यहां लाने के बाद उनके अनुकूलन के लिए पांच किलोमीटर के दायरे में…
Woman tied rakhi to dangerous: तस्वीर को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। आईएफएस अफसर सुशांत नंदा…
चीते की भारत वापसी को तुरंत खुशी या गम का विषय बनाने की अभी कोई आवश्यकता नहीं है।
हाल ही में इंदौर में ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला था। जब 70 साल के चरवाहे ने अपनी…
तेंदुए जैसे जानवर के हमले के सामने जहां बड़े बड़े लोगों के पसीने छूट जाते हैं वहीं 70 वर्षीय ग्रामीण…
डीएफओ ईशा तिवारी व एसडीओ दीपक कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में गुरुवार को कैटल दस्ते ने खूंखार तेंदुए को कैद…