गरीब व्यक्ति की मजबूरी उसकी जिंदगी का वह कड़वा सच है, जिसे समाज में लोग कभी समझने की कोशिश नहीं…
शिक्षकों के सम्मुख सामने खड़ा मार्च है, जिसके बाद बच्चे एक कक्षा और आगे पहुंच जाएंगे।
आजादी के पहले से ही रोजी-रोजगार के लिए गांवों से लोगों का शहरों में पलायन होता रहा है।
कालिदास ने ऋतुसंहार में कहा है- वसंते द्विगुने काम:, अर्थात वसंत के समय काम का प्रभाव दोगुना बढ़ जाता है।…
बाजार से एक पैकेट मशरूम लाया, तो पत्नी ने तारीफ करते हुए कहा- क्या बढ़िया मशरूम है।
ज्यों-ज्यों महामारी भयावह होती गई, इसके खबरची और भी चाकचौबंद नजर आने लगे।
यह एक शुभ संकेत है कि शुष्क और बंजर से लगने वाले फ्लैटों में लोग अब फूल-पौधों के साथ ही,…
हमारे जीवन को संचार क्रांति ने जितना सरल और सहज बनाया है, उतना ही अदृश्य होकर हमारे व्यक्तिगत जीवन में…
मनुष्य जीवन में दोस्ती का रिश्ता बड़ा प्यारा रिश्ता होता है।
आनलाइन शिक्षा को बड़ी पूंजी वाली कंपनियों ने एक नए क्षेत्र की तरह देखा है। वे भारी निवेश न सिर्फ…
जीवन में अवसर सभी को मिलता है, बस अवसर पर समय रहते ध्यान देने की जरूरत होती है।
भारतीय स्त्रियों का निजी गाड़ी पर सवार होना किसी सामाजिक क्रांति से कम नहीं।