एशिया कप 2018 के सुपरफोर में मंगलवार (25 सितंबर) को भारत और अफगानिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। बांग्लादेश के द्वारा दिए गए लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम जीत से एक कदम दूर रह गई और मैच ड्रा हो गया। लंबे अरसे बाद महेंद्र सिंह धोनी ने मैच की कप्तानी थी। यह कप्तान के तौर पर उनका 200वां मैच था। इस मैच में वे अंपायर के गलत फैसले का शिकार हो गए। हालांकि, वे ये बात जानते हुए भी चुप रहने को मजबूर हो गए क्योंकि उनके पास रिव्यू का ऑप्शन समाप्त हो चुका था। इन सब बातों से इतर धोनी ने कुछ ऐसा हुआ, जिससे सोशल मीडिया यूजर्स नाराज हो गए और उन्हें खरीखोटी सुनाते हुए रिटायरमेंट की सलाह दे डाली। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “महेंद्र सिंह धोनी, अापको एलिस्टर कुक से सीख लीजिए और जरूरत के अनुसार कुछ वैसा ही कीजिए।”

वहीं, एक अन्य यूजर लिखते हैं, “धोनी भाई रिटायर कर जाओ। अफगानिस्तान से भी नहीं खेल सकते तो क्या खेलोगे।”

एक यूजर ने लिखा, ” समय आ गया है कि महेंद्र सिंह धोनी को रिटायर हो जाना चाहिए।”

दरअसल, अफगानिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर भारतीय टीम में प्रायोगिक बदलाव किया गया। रोहित शर्मा, शिखर धवन, जसप्रीम बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, युजवेंद्र चहल जैसे खिलाडि़योंं की जगह अन्य दूसरे खिलाड़ी जो काफी समय से बैठे हुए थे, को मौका दिया गया। धोनी को टॉस के लिए आते देख सभी खुश हो गए। लेकिन इस मैच में वे मात्र आठ रन ही बना सकें।

अफगानिस्तान द्वारा दिए गए 253 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के ओपनर बल्लेबाज केएल राहुल और अंबती रायडू ने भारत को एक अच्छी शुरूआत दी। उन्होंने अफगानिस्तान के बॉलरों पर दबाव बनाए रखा। लेकिन मोहम्मद नबी और राशिद खान ने दोनों को पवेलियन भेज दिया। दो विकेट के नुकसान पर भारत का स्कोर 127 रन पर पहुंच चुका था। इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी बल्ला लेकर मैदान पर उतरे। प्रशंसकों को उम्मीद थी कि आज उन्हें कुछ करिश्माई बल्लेबाजी देखने का मौका मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 26 वें ओवर में जावेद अहमदी की गेंद उनके पैड को छूते हुए निकल गई और अंपायर ने उन्हें आउट करार दे दिया। हालांकि, रिप्ले के दौरान यह साफ दिख रहा था कि वे आउट नहीं थे। धोनी को भी इस बात का एहसास था कि वे आउट नहीं हुए हैं, लेकिन टीम इंडिया के पास रिव्यू का कोई मौका नहीं था। इसलिए वे चुपचाप वापस लौट गए। हालांकि, बाद में मैच के बाद उन्होंने इस बात का इशारों ही इशारों में जिक्र भी किया और कहा कि मैं जुर्माने की वजह से कुछ ज्यादा नहीं बोल सकता।