वायनाड से सांसद रहे राहुल गांधी ने दिल्ली में स्थिति अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है। मानहानि मामले में सजा मिलने के बाद उनकी संसद की सदस्यता रद्द हो चुकी थी। 22 अप्रैल को राहुल गांधी ने अपने सरकारी आवास को सरकारी अधिकारियों को सौंप दिया। इस दौरान प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी के साथ साथ कांग्रेस के तमाम नेता वहां मौजूद थे। राहुल गांधी से घर वापस लिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लोग तरह तरह की टिप्पणी कर रहे हैं।

क्या बोले इमरान प्रतापगढ़ी?

खुद राहुल गांधी ने घर खाली करने का वीडियो शेयर कर लिखा है कि सच्चाई बोलने की कीमत है आज कल! वो जो भी कीमत होगी, मैं चुकाता जाऊंगा। राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा कि 19 साल का नाता रहा है इन दीवारों से, ये दरवाजे पहचानते हैं मुझे, इस लॉन का हर दरख़्त गवाह है मेरे संधर्ष का, मैंने अपना पूरा जीवन सच के लिये न्यौछावर कर रखा है, आज ये घर छोड़ रहा हूं क्योंकि सच्चाई की क़ीमत चुकानी पड़ती है। हाकिमे वक्त नाराज़ है कि हमने उसको बेनक़ाब किया है।

अन्य नेताओं ने क्या कहा?

एक अन्य ट्वीट में इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा कि 12 तुगलक लेन की चाबी ले रहे हो तो ले लो, आने वाले 2024 में 7 लोक कल्यान मार्ग की चाबी देनी पड़ेगी। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा कि इतिहास इसका गवाह है कि कई बड़े बड़े नेताओं ने पद से हटने के बाद Lutyen न्यू दिल्ली से शासकीय मकान रखने के लिए अपनी पार्टी छोड़कर कर बंगला रखना उचित समझा। लेकिन राहुल जी ने बंगला छोड़ दिया विचार धारा से समझौता नहीं किया। यही तो फ़र्क़ है नेहरू गांधी परिवार में और सत्ता लोलुप्त नेताओं में।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा कि हम कांग्रेस पार्टी हैं! जिसका पूरा घर ही हिन्दुस्तान हो और जिसके घर में हिन्दुस्तान बसा हो, उसका “घर” एक षड्यंत्र के तहत छीनकर तानाशाही सरकार इतरा रही है। राहुल जी का आधिकारिक घर गया है, पर उनके मन में जो सच की लड़ाई लड़ने का जज़्बा है, वो उसे कभी खाली नहीं करवा पाएँगे। सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा कि राहुल गांधी इतिहास लिख रहे हैं। हमारी आने वाली नस्लें इस आदमी के बारे में पढ़ेंगी कि कैसे जब अधिकतर लोग किसी न किसी वजह से चुप बैठे थे तो एक गांधी अपना सब कुछ गँवा कर एक तानाशाह के सामने डटकर खड़ा था।

अन्य लोगों की प्रतिक्रियाएं

@priteshr6 यूजर ने लिखा कि पूरे उत्तर प्रदेश में इनका एक भी बूथ मज़बूत नहीं है और ये 7 लोक कल्याण मार्ग की चाभी लेने की बातें कर रहे हैं। ख़ुद इमरान प्रतापगढ़ी को अपने बूथ की जानकारी नहीं होगी। एक यूजर ने लिखा कि इमरान खान वहीं हैं ना जो अतीक अहमद की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे थे? जगन्नाथ दुबे नाम के यूजर ने लिखा कि उन्होंने आपसे मकान छीना है, यह देश उनसे उनका अहंकार छीन लेगा। आपके पास अनगिनत घर हैं, उनके पास अहंकार के सिवा कुछ भी नहीं।