लोकसभा में पिछले दिनों अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। हालांकि अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा में 10 अगस्त को गिर गया। अब लोकसभा की कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें JDU सांसद ने जब अपने भाषण में RSS का जिक्र किया तो उन्हें टोक दिया गया। उनसे कहा गया कि तारीफ करनी है तो करिए, आरोप मत लगाइए।
आरएसएस पर टिप्पणी करने से रोका गया
स्पीकर की जिम्मेदारी मेरठ से सासंद राजेंद्र अग्रवाल संभाल थे और जेडीयू सांसद गिरधारी यादव बोलने के लिए खड़े हुए थे। गिरधारी यादव ने सदन में बोलते हुए कहा, ‘बिहार में नीतीश कुमार ने पिछड़े वर्ग के लोगों की जनगणना करने का काम किया लेकिन ये (भाजपा) सरकार ऐसा नहीं करना चाहती। ये आरएसएस के एजेंडे पर चलने का काम कर रही है।’ इसके बाद दोबारा भी गिरधारी यादव ने आरएसएस का नाम लिया तो उन्हें टोक दिया गया।
‘तारीफ कीजिये लेकिन आरोप मत लगाइए’
गिरधारी यादव को टोकते हुए स्पीकर की जिम्मेदारी संभाल रहे राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा, ‘आप RSS का नाम क्यों ले रहे हैं? आप राजनीतिक पार्टी का नाम लीजिये, आरएसएस का नाम मत लीजिये। आप आरोप मत लगाइए, तारीफ करनी है तो कर दीजिये।’ इस पर गिरधारी ने कहा, ‘सत्ता पक्ष की तरह से भी आरएसएस का जिक्र किया गया था, उन्हें नहीं टोका गया तो मुझे क्यों?’ हालांकि इसके बाद जेडीयू सांसद ने आरएसएस का नाम नहीं लिया लेकिन यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों ने शेयर कर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं।
देवेंद्र यादव ने लिखा , ‘“आपको RSS की तारीफ करनी है तो कर दीजिए लेकिन आरोप मत लगाइए” देश की संसद में सत्ता-विपक्ष के लिये अलग-अलग नियम हैं?’ एक अन्य ने लिखा, ‘अब उस संगठन पर आरोप भी नहीं लगाना चाहिए जिसके पूर्वज अंग्रेज़ो के लिए काम करे थे? स्पीकर साहब तारीफ करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन आलोचना से रोक रहे हैं, क्यों?’
एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘क्या सदन में सत्ता और विपक्ष के सांसदों के लिए अलग-अलग नियम हैं? जब भाजपा सांसद ने सदन में आरएसएस का नाम लिया, गीत गाया तो उन्हें किसी ने नहीं रोका लेकिन जैसे जेडीयू सांसद ने बोलना शुरू किया तो उन्हें आरोप लगाने से ही रोक दिया गया।’ एक अन्य ने लिखा, ‘क्या अब सदन में आरएसएस का नाम सिर्फ तारीफ करने के लिए लिए जायेंगे, आरोप लगाने के लिए नहीं?’
