बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी अक्सर ही अपनी पार्टी के खिलाफ बोलते नजर आते हैं। सुब्रमण्यम स्वामी ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी जिंदगी से जुड़ी कई बातों को साझा किया था। राजनीति के इतर उन्होंने अपने पसंदीदा क्रिकेटर के बारे में भी बात की थी। स्वामी ने अटल बिहारी वाजपेई के साथ अपने रिश्ते को लेकर कहा था कि मैं उनकी रणनीति में फिट नहीं बैठता था।
द लल्लनटॉप के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक इंटरव्यू के दौरान सुब्रमण्यम स्वामी ने एंकर के कई सवालों के जवाब दिए थे। जब अगर सौरभ द्विवेदी ने उनसे सवाल पूछा कि आपके नाम से सोशल मीडिया पर कई पैरोडी अकाउंट भी चलते हैं इसके बारे में आपको जानकारी है? इस सवाल का जवाब देते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि मेरे साथ ही लोग बताते रहते हैं कि इस पर शिकायत करनी चाहिए लेकिन मैं उनसे कहता हूं कि या किराए को लोग हैं और किराए के लिए करते हैं तो उन्हें करने दीजिए। हमने कहा था कि, ‘ लोकतंत्र में ऐसी चीजों को नजरअंदाज करना चाहिए।’
सौरभ द्विवेदी ने उनसे अगला सवाल पूछा कि राजनीति में उभरते हुए शख़्स और राजनीति में जम चुके हर शख़्स की पोल पट्टी आपके पास है। यह कैसे? इसका जवाब देते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि मेरी भूमिका ऐसी है कि मैं दिल्ली में पढ़ा था और मेरे जितने क्लासमेट है वह सब विदेशी एंबेसी में जाकर बसे हुए हैं। फिर मैं कई सालों तक हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक भी था इसीलिए मेरे अनेक स्टूडेंट कई जगह पर है जिनको मैंने पढ़ाया है। तीसरा यह कि मैंने आज तक किसी को धोखा नहीं दिया है। किसी ने मुझे कोई जानकारी दी और मैंने उसके नाम का खुलासा कर दिया हो।
अपने जीवन का सबसे लल्लनटॉप वाकया बताते हुए उन्होंने कहा था कि मेरी क्लास में जब हर कोर्स समाप्त होता था तब…. अनेक देशों से विद्यार्थी आते थे तो मैं उनसे एक सवाल पूछता था कि किस प्रकार की नौकरी की खोज आप करेंगे। जिसमें जोखिम लेना पड़ेगा या ऐसी कोई नौकरी जिसमें आपकी तनख्वाह हर साल 5 परसेंट बढ़ेगी। तो हिंदुस्तानी छात्र दूसरा वाला विकल्प चुनने की बात करते थे। इससे मुझे आश्चर्य होता था कि हमारे नौजवानों में सबसे बड़ी कमियां है कि वाह जोखिम लेने से डरते हैं।
इंटरव्यू के दौरान एंकर ने उनसे सवाल पूछा कि अटल बिहारी बाजपेई सुब्रमण्यम स्वामी से इतना नाराज क्यों रहते थे? सौरभ द्विवेदी के इस सवाल पर सुब्रमण्यम स्वामी ने हंसते हुए कहा था कि उनके संस्कार और उनकी रणनीति में मैं फिट नहीं बैठता था। आपकी बात को आगे बढ़ाते हुए स्वामी ने बताया था कि इमरजेंसी के दौरान अटल बिहारी बाजपेई चाहते थे कि मैं यह भूमिगत काम न करूं। जब मैं पार्लियामेंट में गया और आया तो उन्होंने मेरी वीरता की तो प्रशंसा की परंतु कहा कि अब तो इमरजेंसी कभी नहीं हटेगी।
उन्होंने बताया कि बाजपेई चाहते थे कि मैं समर्पण कर दूं। परंतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता काम कर रहे थे भूमिगत संगठन का उन्होंने कहा था कि तुम बहुत आवश्यक काम कर रहे हो तुम्हें सरेंडर नहीं करना है। इंटरव्यू के दौरान स्वामी ने बताया था कि जब आप विदेश मंत्री बने थे तो मैं चाहता था कि चाइना के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करने के लिए बातचीत की जाए। उसमें उनकी दूसरी राय थी धीरे-धीरे यह मतभेद पब्लिक में आने लगे थे। इसके साथ ही स्वामी ने बताया था कि उनके सबसे पसंदीदा क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी हैं।

