
अगर साहित्य का कहीं गिरजाघर होता, तो मैं कभी का कन्फेशन कर लेता। कहीं और मुझे वह बात नजर नहीं…

अगर साहित्य का कहीं गिरजाघर होता, तो मैं कभी का कन्फेशन कर लेता। कहीं और मुझे वह बात नजर नहीं…

नागार्जुन ने अपनी एक कविता में स्वयं को ‘तरल आवेगों वाला हृदयधर्मी जनकवि’ कहा है। उनका यह कथन एक ऐसे…

नाटक में परदे के पीछे के रंगकर्म- मंच-परिकल्पना, दृश्यबंध, परिधान, रूप-सज्जा, रंगालोक, विशेष प्रभाव, ध्वनि आदि की स्थिति नींव की…

कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए…

राजू के पापा को दाल में कुछ काला लगा। उधर पुलिस को फोन की लोकेशन पता लग गई, क्योंकि राजू…

आज बच्चों का पालन-पोषण एक जटिल काम हो गया है। जिस तरह हर क्षेत्र में प्रतियोगिताएं बढ़ गई हैं, उसमें…

चिलचिलाती धूप और ऊपर से धूल भरी आंधी का सामना करना आंखों के लिए वाकई कष्टदायी होता है। आजकल गरमी…

सोयाबीन की गिनती तिलहनी फसलों में होती है, पर इसका उपयोग दाल और सब्जी के तौर पर बहुतायत होता है।…

नागार्जुन ने किसान, राजनीति, प्रकृति और ऐसे अनेक विषयों पर कविताएं लिखीं, जिन्हें पहले कविता का विषय नहीं माना जाता…

फैज़ अहमद फ़ैज़ संभवत: भारतीय उपमहाद्वीप के ऐसे दूसरे शायर थे, जिनका नाम नोबेल पुरस्कार के लिए नामित हुआ था।…

भाषा मानवीय चेतना और उसकी सामूहिक अस्मिता की अभिव्यक्ति का अनिवार्य माध्यम है। भाषा समस्त मानव सभ्यता की अमूल्य अनूभुति,…

छायावादी कविता के बाद के कवियों में गुलाब खंडेलवाल एक विशिष्ट कवि हैं। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने…