Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj  Bageshwar Dham Acharya Dhirendra Krishna Shastri: प्रेमानंद महाराज वृंदावन के केलीकुंज नाम के स्थान पर रहते हैं। वहीं आजकल सोशल मीडिया महाराज जी के प्रवचन काफी वायरल हो रहे हैं। आपको बता दें कि स्वामी प्रेमानंद महाराज राधा रानी के अनन्य भक्त हैं। साथ ही वह सत्संग के माध्यम से लोगों का मार्गदर्शन करते हैं और जीवन जीने की कला सिखाते हैं। वहीं प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर हैं और उनके सत्संग में कई सिलिब्रिटी पहुंचे हैं। साथ ही कई राजनेता भी महाराज जी से भेंट कर चुके हैं। 

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साथ ही आपको बता दें कि प्रेमानंद महाराज जी की सेहत काफी दिनों से खराब चल रही थी और उन्होंंने सुबह की अपनी यात्रा भी स्थगित कर थी। वहीं आज 14 तारीख को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री महाराज जी मिलने वृंदावन उनके आश्रम पहुंचे, उन्होंने प्रेमानंद जी को साष्टांग प्रणाम किया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

साथ ही धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हम मायाजाल में फंसे हुए थे तो और मुंबई में थे। जिस प्रेमानंद महाराज जी ने कहा कि भगवान के पार्षद तो माया को मुक्त करने जाते है। माया में घुसकर जीवोंं को माया से मुक्त करने जाते हैं। इसलिए आप जहां जाए तो वहांं भगवान के नाम का गुणगान करें। ऐसा करने से माया भाग जाती है। क्योंकि भगवान के नाम में अपार सामर्थ्य है। क्योंकि भगवान के नाम के बिना कोई ज्ञान और विज्ञान इस माया पर विजय नहीं प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि माया भगवान की दासी है। इसलिए आप लोग माया में फंसे नहीं थे क्योंकि आप तो भगवान के पार्षद हैं। इसलिए आप लोग तो लोगों के बीच में घुसकर माया को भगाते हैं। भगवान का यश सुनाते हैं। प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि भगवान के नाम में इतनी सामर्थ्य है कि भगवान के नाम का स्मरण करने से ही भगवत प्राप्ति हो जाती है। 

प्रेमानंद महाराज जी ने आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्र से पूछा कि वृंदावन में कब तक रहोगे, जिस धीरेंद्र शास्त्री बोले- बाबा कल तक रुकेंगे। सनातन एकता पदयात्रा को लेकर एक बैठक है। दिल्ली से वृंदावन के लिए पैदल यात्रा करेंगे। जिस पर  प्रेमानंद महाराज ने कहा- सनातन ब्रह्म है, वायु है. सनातन सूर्य है, आकाश है, भूमि है। बिना सनातन के किसी की सत्ता ही नहीं है। हर एक को सनातन से जुड़ना होगा।

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