बीजेपी के फायरब्रांड नेता और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही आज देश के पीएम हों, मगर उनके बचपन का एक हिस्सा गुजरात के वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बनाने से लेकर बेचने तक के काम में गुजरा है। एक बार तो तत्कालीन आरएसएस चीफ बाला साहब देवरस ने उनसे चाय मंगवाई थी और पूछा था कि वह कितना पढ़े-लिखे हैं। यही नहीं, देवरस ने मोदी को तब अपने साथ चलकर पढ़ने का ऑफर भी दिया था।

यह पूरा किस्सा उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के नौरंया से विधायक रहे नारायण उर्फ भुलई भाई ने सुनाया। माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ के शुक्रवार (25 मार्च, 2022) को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह में वह हिस्सा लेंगे। एक हिंदी मीडिया चैनल की ओर से यह पूछे जाने पर कि योगी के शपथ ग्रहण के लिए आपको बुलावा आया है? उन्होंने कहा- अभी निमंत्रण नहीं आया है, पर मैं वहां जाऊंगा। इस पर योजना बनेगी कि कैसे जाना है और वहां क्या-क्या करना है।

भुलई भाई ने पहले की और आज की राजनीति में फर्क बताते हुए कहा, “तब नेता जनता की सेवा के लिए होते थे, पर अब वे मेवा के लिए होते हैं। दोनों में अंतर है।” पीएम की ओर से फोन पर समय-दर-समय हाल-चाल लिए जाने पर उन्होंने बताया- मुझे गर्व महसूस होता है कि वह फोन करते हैं और याद करते हैं।

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पत्रकार से एक पुराने किस्से को साझा करते हुए वह बोले- पहले गुजरात में बाला साहब देवरस हमारे संघ के संघ सरचालक थे, जिस पद पर आज मोहन भागवत हैं। वह हमें बहुत मानते थे। गुजरात गए, तो हमें भी बुलाया। वहां उन्हें मोदी जी की चाय पीने का मन हुआ। मोदी तब वहां स्टेशन पर चाय बनाया करते थे। गाड़ी आती थी तो वह “चाय-चाय” की आवाज लगाते हुए कुल्हड़ में देते लोगों को जाते थे।

बकौल भुलई भाई, “बाला साहब देवरस ने चाय पी और पूछा कि वह कहां से लाई गई है। बताया गया कि एक लड़का है और वही बेचता है। बाला साहब ने इसके बाद चाय के साथ मोदी को बुलवाया। पूछा कि कितना पढ़े लिखे हो? जवाब मिला- अभी तो बहुत पढ़े-लिखे नहीं हैं।”

भाजपा के सबसे बुजुर्ग कार्यकर्ताओं में से एक भुलई भाई ने आगे बताया कि तत्कालीन सरसंघचालक ने मोदी को ऑफर दिया कि साथ नागपुर (महाराष्ट्र) चलें और पढ़ाई करें। उनके मुताबिक, “देवरस मोदी से बोले थे कि हमारे साथ चलो। नरेंद्र भाई ने पूछा कि क्यों, वहां क्या करना होगा? जवाब मिला- आप मेरी मां से पूछ आएं। वह इसके माता जी के पास गए और पूरी बात बताने लगे।” हालांकि, पढ़ाई के ऑफर पर एक बार में मां राजी हो गईं और बोलीं कि जल्दी जाओ।

उन्होंने यह भी बताया कि नरेंद्र मोदी आज जहां भी जाते हैं, वह अपनी मां का आशीर्वाद जरूर लेते हैं। आपको बता दें कि भुलई भाई भगवा पार्टी के सबसे बुजुर्ग कार्यकर्ताओं में से एक हैं। वह जनसंघ के वक्त से पार्टी के साथ हैं। पार्टी में कई सीनियर नेता उन्हें काफी मानते हैं। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई मौकों पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके पैर छूकर आशीर्वाद ले चुके हैं।