पश्चिम बंगाल के बालुरघाट सांसद और केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य के डेमोग्राफी में बदलाव करवाने का आरोप लगाया और उन्हें भविष्य को लेकर चेतावनी दी कि अगर उन्होंने ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में कोई भी बनर्जी या चटर्जी कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएगा।
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने ममता बनर्जी पर डेमोग्राफिक परिवर्तन के खतरों से अवगत होने के बावजूद देश के बजाय अपने परिवार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
क्यों बनर्जी या चटर्जी मुख्यमंत्री नहीं बन सकेंगे?
सांसद ने कहा, “वह (ममता बनर्जी) राज्य में डेमोग्राफी बदलना चाहती हैं ताकि वह उनके परिवार वाले कुछ और साल सत्ता में बने रहें। उन्हें यह भी पता है कि अगर डेमोग्राफी बदली और मुसलमानों की आबादी 60 फीसदी पहुंची तो कोई बनर्जी या चटर्जी मुख्यमंत्री नहीं बन सकेंगे। फिर सिर्फ एक मुस्लिम ही मुख्यमंत्री बन सकेगा। लेकिन वे सोचते हैं कि उनकी पीढ़ियां आगे बढ़ें और अमीर बनें।”
बाड़बंदी को लेकर ममता पर आरोप
सुकांता मजूमदार ने आगे कहा कि वह अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा पूरी कर रही। ममता बनर्जी सरकार को सीमा पर बाड़बंदी नहीं करने दे रही हैं।
उन्होंने कहा, “वह चाहती हैं कि बंगाल की डेमोग्राफिक बदले। यह उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। हमारी बांग्लादेश के साथ 2200 किमी लंबी कई राज्यों से लगती हुई अंतरराष्ट्रीय सीमा है। साथ जहां मुमकिन है वहां घेराबंदी की जा चुकी है। लेकिन सिर्फ बंगाल में ही करीब 500 किमी सीमा को ही अभी घेरा नहीं जा सका है।”
‘गृहमंत्री ने सदन में भी कहा’
उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि अगर वे (बंगाल) जब जमीन ही नहीं दे रहे तो हम बाड़बंदी कहां करें?
जब सांसद से पूछा गया कि सरकार को सीमाओं की सुरक्षा के लिए इन सभी की अनुमति लेनी क्यों है तो उन्होंने कहा,”लोग पश्चिम बंगाल में चिल्लाना शुरू कर देंगे कि आपने संघीय ढांचे को बर्बाद कर दिया।”
भारत-बांग्लादेश सीमा पर 79 फीसदी बाड़बंदी का काम पूरा
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत-बांग्लादेश सीमा पर 79 फीसदी बाड़बंदी का काम पूरा कर लिया गया है। भारत ने बांग्लादेश के साथ लगती सीमा पर 3239.92 किलोमीटर यानी 79.08 फीसदी हिस्से को घेर चुका है बाकि 856.778 किमी यानी 20.92 फीसदी हिस्से पर बाड़ाबंदी नहीं हुई है।
आगे उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारा विपक्ष कुछ ऐसा कि वह देश से पहले पार्टी को देखता, वे सत्ता की चाह रखते हैं। अगर भाजपा को देश के लिए सत्ता छोड़नी पड़े तो हम तैयार हैं। हमें सत्ता का मोह नहीं है। हमें पहले देश चाहिए। भाजपा के लिए देश की आतंरिक सुरक्षा सबसे पहले अहम है।”
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