गाजियाबाद की अशोक विहार कॉलोनी के सामने दिनदहाड़े बाइक सवार दो बदमाशों ने एयरफोर्स से सेवानिवृत्त ऑफिसर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य शूटर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या के लिए योगेश कुमार के दोनों बेटों ने पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। इस खुलासे के बाद से मृतक के दोनों बेटे फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

गिरफ्तार आरोपी ने वारदात को अंजाम देने में अपने पुलिसकर्मी बहनोई की मदद ली थी जो कौशांबी जिले में पुलिस की मीडिया सेल में सिपाही के पद पर तैनात है। एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि 26 दिसंबर को योगेश कुमार (58) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके बेटे नितेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस टीम ने बुधवार रात अशोक विहार से आरोपी अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया।

रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर की हत्या की सुपारी उसके बेटों ने दी थी

आरोपी अरविंद कुमार से पुलिस ने एक तमंचा, बाइक और लोहे का पाइप बरामद किया है। पूछताछ में उसने बताया कि योगेश कुमार की हत्या की सुपारी उसके बेटों नितेश और गुड्डू ने दी थी। वारदात के समय अरविंद के साथ उसका बहनोई नवीन कुमार भी मौजूद था, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही है।

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पुलिस के अनुसार, योगेश कुमार के दो बेटे नितेश और गुड्डू हैं। नितेश दिल्ली की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में एआरएम के पद पर कार्यरत है जबकि गुड्डू गुरुग्राम की एक कंपनी में कस्टमर रिव्यू मैनेजर है। आरोपी अरविंद से पूछताछ में सामने आया कि नितेश और गुड्डू अपने पिता के कथित गलत आचरण से परेशान थे और इसी कारण वे उससे मदद मांगने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि योगेश अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था और उन्हें घर से निकालना चाहता था। दोनों ने करीब एक सप्ताह पहले हत्या के बदले पांच लाख रुपये देने की बात कही थी।

आरोपी का योगेश से पहले से विवाद चल रहा था

आरोपी ने यह भी बताया कि उसका योगेश से पहले से विवाद चला आ रहा था। वह गली के कुत्तों को खाना डालता था जबकि योगेश उन्हें पीटता था, जिससे दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। इन सभी बातों और रुपये मिलने के आश्वासन के बाद वह हत्या के लिए तैयार हो गया। पुलिस के अनुसार, वारदात से एक दिन पहले तीनों आरोपियों ने योगेश के घर की छत पर बैठकर हत्या की योजना बनाई थी। इसके बाद नवीन कुमार को भी इस साजिश में शामिल किया गया। वारदात के दौरान पहले योगेश के सिर पर लोहे के पाइप से हमला किया गया और फिर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।

सीसीटीवी फुटेज से खुली हत्या की गुत्थी

एसीपी ने बताया कि पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही थी। फुटेज में दिखाई दी एक बाइक के नंबर के आधार पर पुलिस उसके मालिक सलमान तक पहुंची। सलमान ने बताया कि घटना वाले दिन उसकी बाइक एक दोस्त लेकर गया था जो आरोपी अरविंद का किरायेदार है। इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस अरविंद तक पहुंचने में सफल रही।

एसीपी के अनुसार, आरोपी नवीन कुमार अगस्त महीने से ड्यूटी पर नहीं गया है। उसने बीमारी का हवाला देकर छुट्टी ले रखी थी। घटना से पहले करीब एक महीने तक वह लोनी और दिल्ली में रहा। वारदात के बाद वह मथुरा चला गया और तब से उसका मोबाइल फोन भी बंद है। एसीपी ने बताया कि नवीन के संबंध में विभाग को जानकारी दे दी गई है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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परिवार के आठ लोगों की हत्या कर चुका है आरोपी

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अरविंद 12वीं पास है। साल 2008 में उसने बुलंदशहर के बरारी गांव में अपने पिता के साथ मिलकर अपने चाचा और उनके परिवार के आठ लोगों की हत्या कर दी थी। उस समय अरविंद नाबालिग था। इस मामले में उसके पिता को पहले फांसी की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में आजीवन कारावास में बदल दिया गया। अरविंद को उस समय सुधार गृह भेजा गया था।

अशोक विहार कॉलोनी के सामने शुक्रवार को दिनदहाड़े बाइक सवार दो बदमाशों ने एयरफोर्स से सेवानिवृत्त वारंट ऑफिसर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाशों ने रिटायर्ड अधिकारी को दो गोलियां मारीं थी। घटना के समय वह अपने घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर पैदल चलते हुए फोन पर बात कर रहे थे। यह वारदात लोनी थाने से मात्र 500 मीटर की दूरी पर हुई थी। योगेश करीब 34 वर्षों की सेवा के बाद 31 जुलाई 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति से पहले योगेश आगरा में तैनात थे और रिटायर होने के बाद वह घर पर ही रह रहे थे।