बिहार सरकार में पूर्व मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को सरकारी बंगला खाली करना होगा। तेज प्रताप यादव विधानसभा का चुनाव हार गए थे और विधायक होने के कारण उन्हें पहले सरकारी आवास मिला हुआ था। अभी तक तेज प्रताप यादव 26M स्ट्रैंड रोड बंगले में रहते थे, लेकिन अब यह बंगला एनडीए सरकार में मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन को आवंटित किया गया है।
तेज प्रताप यादव 2015 में महुआ विधानसभा सीट से विधायक बने थे और उसके बाद उन्हें आवास आवंटित हुआ था। 2020 के चुनाव में उन्होंने हसनपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ जीत हासिल की थी। 2025 में तेज प्रताप फिर से महुआ विधानसभा सीट चुनाव लड़ने चले गए, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
राबड़ी देवी को भी खाली करना होगा बंगला
एनडीए सरकार ने राबड़ी देवी को भी बड़ा झटका दिया है। पटना में 10 सर्कुलर रोड पर स्थित सरकारी बंगले को भी अब लालू परिवार को खाली करना होगा। दरअसल यहीं पर पूरा लालू परिवार रहता है। बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने लालू परिवार को राबड़ी आवास खाली करने के लिए नोटिस भेजा है और उन्हें नया आवास भी आवंटित कर दिया गया है। पिछले 20 सालों से राबड़ी देवी अपने पूरे परिवार के साथ 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर रहती थी। वहीं अब राबड़ी देवी का नया ठिकाना आवास संख्या 39 हार्डिंग रोड होगा।
वर्ष 2006 से लालू परिवार इसी 10 सर्कुलर रोड वाले आवास में रहता था। राबड़ी देवी बिहार विधान परिषद की सदस्य हैं और राजद की विधान परिषद में नेता भी हैं। लालू यादव भी इसी आवास में कई सालों से रह रहे हैं और राजनीतिक गतिविधियों का यह केंद्र भी माना जाता है। पिछले 20 सालों में लालू परिवार ने हर बड़े राजनीतिक फैसले इसी आवास से लिए।
तेज प्रताप यादव को लालू यादव ने पार्टी और परिवार से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अनुष्का यादव प्रकरण में लालू परिवार ने तेज प्रताप यादव को घर से बाहर निकाला था। उसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी और उसी के बैनर तले विधानसभा का चुनाव लड़ा। लेकिन तेज प्रताप यादव को सफलता नहीं मिल पाई।
