राजस्थान में एक पुलिसकर्मी ने दावा किया कि स्थानीय भाजपा विधायक के इशारे पर बजरी माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के कारण उसके साथ मारपीट की गई और उसे निलंबित कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर, प्रशासन ने दावा किया है कि उसे मारपीट और अस्पताल के बाहर पिस्तौल लहराने के आरोप में निलंबित किया गया था। पुलिस कांस्टेबल के दावे के बाद से कांग्रेस राजस्थान भाजपा सरकार पर हमलावर है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो में, अजमेर के केकड़ी सदर पुलिस स्टेशन में तैनात हेड कांस्टेबल राजेश मीणा ने बताया कि स्टेशन हाउस ऑफिसर ने उन्हें सूचित किया कि अवैध खनन के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई है और उन्हें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया। मीणा ने बताया कि वे घटनास्थल पर पहुंचे और एसएचओ को घटना की पूरी जानकारी दी, जिसमें चार ट्रैक्टर और दो जेसीबी मशीनों की मौजूदगी भी शामिल थी।

कांस्टेबल का आरोप- एसएचओ ने मुझे जब्त किए गए वाहनों को छोड़ने के लिए कहा

राजेश मीणा ने आरोप लगाया, “एसएचओ तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे लेकिन उनके पहुंचने पर उन्होंने मुझे जब्त किए गए वाहनों को छोड़ने के लिए कहा। मैंने उनसे कहा कि मैं उन्हें नहीं छोड़ सकता क्योंकि मेरा वीडियो वायरल हो गया है और मैं अवैध खनन की अनुमति नहीं देता। मैंने कहा कि आप शायद रिश्वत ले रहे हों लेकिन मैं नहीं लेता।” हेड कांस्टेबल ने बताया कि इसके बाद वह जब्त किए गए वाहनों को पुलिस स्टेशन ले आए लेकिन स्थानीय भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम ने उस पर दबाव डाला और उसे नौकरी से निकलवाने की धमकी दी।

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हेड कांस्टेबल ने बताया, “मुझे विधायक और उनके आदमियों के करीब 20 फोन आए।” उन्होंने दावा किया कि जब वह अपने रिश्तेदार से मिलने पुलिस स्टेशन से बाहर निकले तो करीब 15-20 लोगों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला किया। राजेश मीणा ने कहा, “मेरे हाथों और सिर पर चोटें आईं और फिर मुझे निलंबित भी कर दिया गया। यह पुलिस का अपमान है।”

शख्स पर हमले के आरोप में हेड कांस्टेबल निलंबित

वहीं, दूसरी ओर अजमेर के डिप्टी एसपी हर्षित शर्मा ने कहा, “5 जनवरी की रात को राजेश मीणा ने शराब पीकर यहां एक अस्पताल के बाहर कुछ व्यक्तियों पर हमला किया और उन्हें गाली दी। उसने उनकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर एसपी ने उसे निलंबित कर दिया।”

कथित अवैध खनन के संबंध में डिप्टी एसपी शर्मा ने दावा किया कि खनन विभाग द्वारा किए गए सत्यापन से पता चला कि खनन वैध था। उन्होंने कहा,“जब्त किए गए वाहनों को पुलिस स्टेशन में रखा गया था और अगले दिन खान विभाग ने दावों की जाँच की और पाया कि पट्टे पर दिए गए क्षेत्र में खनन कार्य चल रहा था। विभाग ने पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर वाहनों को छोड़ने का आदेश दिया।” व्यक्ति की मृत्यु के बारे में डीएसपी ने कहा कि यह एक दुर्घटना थी।

राज्य में बजरी माफिया बेखौफ होकर काम कर रहा- अशोक गहलोत

इसी बीच, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने X पर लिखा, “राज्य में बजरी माफिया बेखौफ होकर काम कर रहा है और भाजपा सरकार उनकी संरक्षक बनी हुई है। इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि केकड़ी पुलिस स्टेशन के एक पुलिसकर्मी, राजेश मीणा ने वीडियो जारी कर बताया है कि स्थानीय भाजपा विधायक ने उन्हें अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने से रोका और धमकाया।” उन्होंने आगे दावा किया कि भाजपा शासन के तहत पुलिसकर्मियों पर तानाशाही थोपी जा रही है ताकि माफियाओं को खुली छूट मिल सके।

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