सुरेंद्र सिंघल

सहारनपुर में जहरीली शराब से पिछले एक हफ्ते के भीतर तीन थाना क्षेत्रों के 16 गांवों में 100 लोगों की मौत के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एडीजी रेलवे संजय सिंघल की अध्यक्षता में गठित एसआइटी ने बुधवार को सभी प्रभावित गांवों का दौरा किया। सिंघल के साथ एसआइटी टीम में दो सदस्य-सहारनपुर के कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी और आइजी शरद सचान भी थे। एसआइटी के तीनों सदस्यों ने बारी-बारी से सभी प्रभावित गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। सभी बयान वीडियो रिकार्ड किए गए हैं। एसआइटी अध्यक्ष संजय सिंघल ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट पांच दिन के भीतर मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। इसके बाद शासन दोषी पाए गए आला अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

सुबह नांगल थाना के गांव उम्हई कलां में एक स्कूल कक्ष में एक-एक कर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। इस गांव में जहरीली शराब से 15 लोगों की जानें गई हैं। उम्हाई कलां के बाद एसआइटी के सदस्य गागलहेड़ी थाना के गांव शर्बतपुर पहुंचे। यहां भी आधा दर्जन लोगों की जहरीली शराब से मौत हो चुकी है। एसआइटी के सदस्यों के साथ एसपी देहात विद्यासागर मिश्र और एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह भी थे। पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि गांवों में काफी पहले से कच्ची शराब और अवैध शराब का धड़ल्ले से कारोबार चल रहा था और पुलिस प्रशासन के लोग सूचना दिए जाने के बाद भी लापरवाही का रवैया अख्तियार किए हुए थे। गांव शर्बतपुर पहुंची टीम को पीड़ित लोगों ने बताया कि इस गांव की महिलाओं ने दो दिन पहले हाथों में डंडे उठाकर शराब ठेकों में तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी थी।

महिलाओं ने एसआइटी टीम को बताया कि शर्बतपुर गांव में बड़ी संख्या में लोगों को शराब की लत है। दिन ढलते ही चुडियाला रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर पियक्कड़ों की लाइन लग जाती है और गांव के बहुत से लोग पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के थाना भगवानपुर, झबरेड़ा और गांव बालुपुर जाते हैं जहां कच्ची शराब बड़ी मात्रा मिलती है। वहीं से आई जहरीली शराब को पीकर सहारनपुर में इतनी बड़ी संख्या में मौतें हुईं। एसआइटी यहां से गांव सलेमपुर गई। जहां उन्होंने पीड़ित ग्रामीणों से तथ्यात्मक जानकारियां जुटाईं। ग्रामीणों का एसआइटी टीम से कहना था कि पुलिस शिकायत करने वालों का ही उत्पीड़न करती है। इस कारण गांव के लोग डरे और सहमे रहते हैं।

उधर, सहारनपुर के सीएमओ डा. सोढ़ी ने बताया कि शराब कांड में मृतकों का विसरा लखनऊ जांच के लिए भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट एक माह में मिल जाने की उम्मीद है। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि इस कांड में शामिल सभी प्रमुख लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सहारनपुर और हरिद्वार के संयुक्त अभियान में मंगलवार शाम शराब कांड का मुख्य आरोपी अर्जुन गिरफ्तार किया जा चुका है। उसी ने रूड़की स्थित एक केमिकल फैक्टरी से केमिकल से भरे तीन ड्रम खरीदे थे। इस केमिकल से बनी शराब के सेवन से दोनों राज्यों के करीब डेढ़ सौ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस मामले में सहारनपुर पुलिस 30 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है। जिला पुलिस जनपद के गांवों में अवैध शराब की भट्टियों को तोड़कर बरामद जहरीली और अवैध शराब को नष्ट कर रही है।