Vaishya Maha Sammelan: उत्तर प्रदेश में इस वक्त जातिगत सम्मेलनों का दौर चल रहा है। ओबीसी की दिल्ली बैठक और लखऊ में ठाकुर विधायकों की बैठक के बाद अब राज्य के नोएडा में वैश्य महासम्मेलन होने जा रहा है।
इस वैश्य महासम्मेलन में उत्तर प्रदेश समेत अन्य देश के अन्य राज्यों से समाज के तीन हजार से ज्यादा लोग एकत्रित होंगे। 31 अगस्त को नोएडा के सेक्टर 74 स्थित वेडिंग क्राउन सम्राट हाल में यह आयोजन होगा। महासम्मेलन में वैश्य समाज की एकता व जागरूकता पर चर्चा, राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण पर चर्चा होगी।
वैश्य समाज की युवक-युवतियों के विवाह देरी से होना, वैश्य समाज में पंच परमेश्वर पंचायत के सर्वे सर्वा होना जो कोर्ट या न्यायालय में केस चलते हैं उन्हें कोर्ट से बाहर निपटाना, वैश्य समाज व्यापारी टास्क फोर्स का गठन करना, वैश्य समाज के सभी आईटीआर भरने वालों को फ्री मेडिकल सेवा, स्कूल-कॉलेज चलाने वाले समाज के लोगों के यहां जरूरतमंद बच्चों को फ्री कोचिंग या कम फीस की सुविधा प्रदान कराई जाएगी।
विवाह से पहले वेडिंग शूट बंद कराना, किसी की तेरहवीं पर दिखावा बंद करना, विवाह होने के बाद तलाक होने पर वर पक्ष गलत आरोप लगाकर रुपये या प्रॉपर्टी मांगने पर रोक लगाने के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। वैश्य समाज के लोग अपने उपवर्गों में बेटी या बेटे का विवाह करने की सहमति बनाएंगे। इससे रोटी-बेटी की समस्या दूर होगी।
प्रेसवार्ता कर मीडिया प्रभारी मनीष गुप्ता ने बताया कि विराट वैश्य महासम्मेलन में मुख्य अतिथि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, यूपी के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, दर्ज प्राप्त राज्य मंत्री कैप्टन विकास गुप्ता, मेयर सुनीता दयाल, सांसद अतुल गर्ग, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, सांसद रुचि वीरा, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, डॉक्टर नीरज बोरा, विधायक अमित अग्रवाल, मुक्त राजा, महापौर अलीगढ़ प्रशांत सिंघल, महानगर अध्यक्ष भाजपा मयंक गोयल समेत अन्य लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर सभी जरूरी तैयारी की जा रही हैं।
ओबीसी नेताओं ने दिल्ली में की थी बैठक
वहीं, अभी हाल ही में दिल्ली में उत्तर प्रदेश से भाजपा के पिछड़ा वर्ग के सहयोगियों ने एक सभा की। जिसमें सत्तारूढ़ दल के प्रमुख नेता अनुपस्थित थे। जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। खुद को वास्तविक पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मंच बताते हुए, जाट, राजभर, निषाद और पटेल जैसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाली चारों पार्टियों ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भाजपा और विपक्ष दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
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योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि यूपी में पीडीए का एक नैरेटिव चल रहा है, लेकिन यह मंच पीडीए नेतृत्व की एकजुटता का असली मंच था। जब सबका दर्द एक जैसा है, तो क्या मंच भी एक जैसा नहीं हो सकता? ओबीसी को एक मंच पर लाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए निषाद ने कहा कि राजनीतिक इतिहास गवाह है कि ये समुदाय एक साथ आने पर ताकतवर बनते हैं।
लखनऊ में 40 ठाकुर विधायकों की हो चुकी मीटिंग
इससे पहले राजधानी लखनऊ के एक पांच सितारा होटल में 40 विधायकों की एक बैठक हुई, जिसे ‘कुटुंब’ नाम दिया गया था। इस बैठक में शामिल होने वाले ज़्यादातर विधायक क्षत्रिय समुदाय से थे। क्षत्रिय विधायकों की यह बैठक सिर्फ़ खाने-पीने और बातचीत तक सीमित नहीं थी, बल्कि ‘कुटुंब’ नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। इस ग्रुप में सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के भी ठाकुर विधायकों को शामिल किया गया है।
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