दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने गुरुवार को मुख्य सचिव से मॉनसून सत्र के दौरान राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ के सम्मान में खड़े न होने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में यह भी कहा कि इस संबंध में छह अगस्त तक रिपोर्ट दी जाए।
दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय मॉनसून सत्र गुरुवार से शुरू हुआ। सुबह राष्ट्रगीत बजने के बाद कार्यवाही शुरू हुई। अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने देखा कि जब विधानसभा में राष्ट्रगीत बजाया जा रहा था तब कुछ अधिकारी बैठे हुए थे। विधानसभा सचिव ने उक्त मामले पर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। पत्र में कहा गया है, “मुझे माननीय अध्यक्ष द्वारा इस तथ्य की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने का निर्देश दिया गया है कि 29 जुलाई, 2021 को सदन की बैठक के दौरान, अधिकारी दीर्घा में अधिकारी खड़े नहीं हुए, जबकि राष्ट्र गीत वंदे मातरम बजाया जा रहा था, जिससे इसका अनादर हुआ।”
पत्र में कहा गया है, “अध्यक्ष ने निर्णय लिया है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है और इस कार्यालय को छह अगस्त, 2021 तक सूचित किया जाए।” उधर, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने बृहस्पतिवार को मानसून सत्र के पहले दिन आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां करने के लिए भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा को एक दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया। अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों विजेंद्र गुप्ता और अनिल बाजपेयी को उनके निर्देशों की अवज्ञा करने और सदन का कामकाज न चलने देने के लिए मार्शलों के जरिए बाहर भेज दिया। गोयल ने केंद्र द्वारा सदन की समितियों को उनकी शक्तियों से वंचित रखने पर “गहरा दुख” और आक्रोश जताया।
उन्होंने आदेश दिया कि सदन के कामकाज के दौरान प्रश्नकाल दो घंटे तक चलेगा। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ आप विधायकों को बोलने के लिए 160 मिनट का वक्त मिलेगा जबकि भाजपा विधायकों को 20 मिनट का वक्त दिया जाएगा। वह सदन की समिति को उनकी शक्तियों से वंचित रखने का विरोध न करने के लिए भाजपा विधायकों पर बरसे और कहा, “मैं विपक्षी विधायकों को सदन के नियमों के अनुसार बोलने के लिए 20 मिनट से अतिरिक्त एक सेकेंड भी नहीं दूंगा।”
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान उनकी बात सुने जाने की मांग की। वे अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सत्तारूढ़ आप के कुछ विधायक भी आसन के समीप आ गए। अध्यक्ष ने सदस्यों को अपनी-अपनी सीट पर वापस जाने और सदन का कामकाज चलने देने को कहा लेकिन भाजपा विधायक नहीं माने। इसके बाद अध्यक्ष ने मार्शलों को गुप्ता तथा बाजपेयी को सदन से बाहर ले जाने को कहा।
इस बीच, भाजपा विधायक शर्मा ने कुछ आप विधायकों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजक टिप्पणियां की और उन्हें “अपनी हद में रहने” को कहा। इस पर गोयल ने शर्मा को माफी मांगने के लिए कहा। भाजपा विधायक के इनकार करने पर अध्यक्ष ने गुरुवार के लिए उन्हें सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।
दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के आठ विधायक और सत्तारूढ़ आप के 62 विधायक हैं। गुरुवार के लिए सदन के कामकाज की सूची के अनुसार, आप के विधायक संजीव झा “उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त की नियुक्ति” पर संक्षित चर्चा शुरू करेंगे। आप विधायक भावना गौड़ दिवंगत पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा को भारत रत्न देने के लिए एक प्रस्ताव पेश करेंगी।

