BJP को महाराष्ट्र में तगड़ा झटका लगा है। विधान परिषद चुनाव के नतीजों में पार्टी को छह में से पांच पर हार का सामना करना पड़ा है। यानी भाजपा के खाते में महज एक सीट आई है, जबकि Shivsena, NCP और Congress के गठबंधन (महाविकास अघाड़ी- महाराष्ट्र में मौजूदा सरकार इसी की) ने चार सीटों पर जीत हासिल की है।

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और सीनियर बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा- नतीजे हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं आए। हम और सीटों पर जीत की उम्मीद थी, पर सिर्फ एक ही जीत सके। हमने तीन दलों की ताकत को गलत आंका।

इसी बीच, महाराष्ट्र में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने बताया कि परिणाम पिछले एक साल में महा विकास अगाड़ी और हमारे द्वारा किए गए कार्यों को प्रमाणित करते हैं। बीजेपी को सच समझ लेना चाहिए। चुनाव के बाद सरकार बदलने के बारे में उनका दावा खोखला साबित हुआ है।

वहीं, NCP सांसद सुप्रिया सुले ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि लोगों ने Maha Vikash Aghadi और उसकी सरकार में अपना विश्वास और प्यार दिखाया है। जानकारी के मुताबिक, जो भाजपा के गढ़ माने जाते हैं वहां भी उसकी हार हुई। सबसे करारी शिकस्त नागपुर में हुई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और फडणवीस के पिता गंगाधर राव फडणवीस पूर्व में इस क्षेत्रर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

शीत सत्र नागपुर के बजाय मुंबई में होगाः महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए नागपुर के बजाय मुंबई में 14 और 15 दिसंबर को दो दिन के लिए आयोजित किया जाएगा। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। परंपरागत रूप से महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का आयोजन नागपुर में होता है जो राज्य की दूसरी राजधानी है । यह सत्र कम से कम दो सप्ताह तक चलता है।

अधिकारी ने कहा, “शीतकालीन सत्र सिर्फ दो दिन यानी 14 और 15 दिसंबर को आयोजित करने का फैसला बृहस्पतिवार को हुई कार्यमंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक के दौरान लिया गया।” राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को महामारी को आलोक में शीतकालीन सत्र के आयोजन स्थल को नागपुर से मुंबई स्थानांतरित करने के लिए राज्यपाल बी एस कोश्यारी से सिफारिश करने का फैसला किया था। (भाषा इनपुट्स के साथ)