Lok Sabha Election 2019: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती साफ कर चुकी हैं कि वह इस बार आम चुनाव नहीं लड़ेंगी। फिर भी उन्हें पूरा भरोसा है कि पीएम वही बनेंगी। हालांकि, बुधवार (20 मार्च, 2019) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव न लड़ने के उनके ऐलान के बाद कई समर्थक मायूस हो गए थे। ऐसे में सोशल मीडिया के जरिए बसपा सुप्रीमो ने उन लोगों को संदेश दिया कि पार्टी कार्यकर्ताओं, लोगों और अन्य लोगों को इस बात से निराश नहीं होना चाहिए।
मायावती ने इस बाबत बुधवार को ट्वीट किया था। लिखा, “1995 में जिस प्रकार मैं पहली बार यूपी की सीएम बनी थी, तब मैं यूपी के किसी भी सदन की सदस्य नहीं थी। ठीक उसी प्रकार केंद्र में भी पीएम/मंत्री को छह महीने के भीतर लोकसभा/राज्यसभा का सदस्य बनना होता है। ऐसे में अभी मेरे चुनाव नहीं लड़ने के फैसले से लोगों को कतई मायूस नहीं होना चाहिए।
उनके अगले ट्वीट में लिखा गया, “बीजेपी का दावा है कि यूपी दो सालों में दंगा-मुक्त रहा अर्द्धसत्य। इस दौरान बीजपी के सभी महार्थी मंत्री और नेतागण आदि अपने उपर से जघन्य आपराधिक मुकदमे हटाने में ही अधिक व्यस्त रहे। मॉब लिंचिंग आदि को क्यों भूल गए, जिससे देश शर्मसार हुआ और अन्ततः माननीय कोर्ट को दखल देना पड़ा।”
दरअसल, ऐन चुनाव से पहले बुधवार को बसपा सुप्रीमो ने बड़ा ऐलान किया। कहा कि वह 2019 का लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी। साथ ही यह भी दावा किया था, “मैं जब चाहूं लोकसभा चुनाव जीत सकती हूं। लेकिन मैं इस बार चुनाव नहीं लडूंगी।” सपा-बसपा गठबंधन पर बताया कि हमारा गठबंधन बेहतर स्थिति में है। यूपी की 80 लोकसभा सीटों पर सपा-बसपा और आरएलडी के बीच सीटों का बंटवारा हुआ है।
इससे पहले, मायवती के नगीना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की बात कही जा रही थी। पर बुधवार को उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर अपने चुनाव लड़ने से जुड़ी अटकलों पर पानी फेर दिया। यूपी में गठबंधन के तहत बीएसपी 38, एसपी 37 और आरएलडी 3 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।