झारखंड असेंबली में नमाज रूम बनाने के मुद्दे पर बुधवार को बीजेपी नेताओं ने रांची की सड़कों पर जमकर बवाल काटा। पुलिस को उन्हें काबू करने के लिए लाठियां तक भांजनी पड़ीं। कहीं बीजेपी के नेता सड़कों पर आक्रोश व्यक्त करते दिखे तो कहीं वो बीच सड़क पर ही बैठकर गुस्सा जता रहे थे।
आज बीजेपी कार्यकर्ताओं ने शिवलिंग बनाने की मांग की। उनका कहना था कि सरकार मुद्दों की बात नहीं करती, केवल तुष्टिकरण कर रही है। अगर असेंबली में मुस्लिमों के लिए नमाज रूम बनाया जा सकता है तो हिंदुओं के लिए शिवलिंग क्यों नहीं स्थापित हो सकता। उनका कहना था कि सोरेन सरकार मुस्लिमों को खुश कर सकती है तो हिंदुओं की भावनाओं का ख्याल रखने में उसे क्या परेशानी है। बीजेपी के साथ ही हिंदू संगठनों ने झारखंड सरकार पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि इस को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज ही विवाद से हुआ था। नमाज रूम के फैसले पर उनका कहना था कि ये सरासर गलत है। उधर, स्पीकर रविंद्र नाथ महतो ने कहा कि शुक्रवार के दिन नमाजी नमाज अदा करते हैं। उसके लिए एक जगह की जरूरत होती है, इसलिए उन लोगों के लिए स्थान दिया है। ये कोई मैंने नहीं दिया है। पुरानी असेंबली में भी इसके लिए एक विशेष स्थान आवंटित था।
इससे पहले मंगलवार को जय श्री राम और हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए बीजेपी के विधायक स्पीकर रबिंदर नाथ महतो के आसन के समीप पहुंच गए थे। उन्होंने सदन की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किया। महतो इतने ज्य़ादा आहत हो गए कि यहां तक कह दिया कि मुझे पीट लो पर कामकाज तो चलने दो। बीते दिन सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही भाजपा विधायकों ने नमाज के लिए कमरा आवंटित करने के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
हालांकि आज सुबह से ही संभावना जताई जा रही थी कि रांची की सड़कों पर बीजेपी नेता अपने तीखे तेवर दिखा सकते हैं। अंदाजे के मुताबिक ही बीजेपी नेताओं ने हंगामा किया। उनको रोकने के लिए भारी तादाद में पुलिस के जवान तैनात था। बीजेपी नेताओं का कहना था कि सरकार पुलिस का भय दिखाकर उन्हें डरा नहीं सकती। सरकार की गलत नीति के खिलाफ वो लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
